
संविधान दिवस के अवसर पर संसद का संयुक्त सत्र सेंट्रल हॉल में जारी है। राष्ट्रपति रामानथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान हमारे लिए सबसे बड़ा और पवित्र ग्रंथ है। हमारा संविधान इतना व्यापक इसलिए है, क्योंकि उसने बाहर के प्रकाश के लिए अपने खिड़कियां खुली रखी हैं।

पीएम ने कहा कि संविधान की भावना अटल और अडिग रही है। अगर इसके साथ कभी कुछ इस तरह के प्रयास हुए भी हैं तो देशवासियों ने इसे असफल किया है। उन्होंने कहा कि मैं 130 करोड़ भारतीयों के सामने नतमस्तक हूं, जिन्होंने लोकतंत्र के प्रति आस्था को कम नहीं होने दिया और संविधान को पवित्र ग्रंथ माना। हमारे संविधान की मजबूती के कारण ही हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की दिशा में आगे बढ़ पाए हैं। हमने तमाम सुधार संविधान की मर्यादा में रहकर किए हैं।