
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बिहार में स्नान के दौरान डूबने से करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इनमें पांच बच्चियां भी शामिल हैं। अकेले पटना में मरने वालों में छह लोग हैं।

मृतकों में दो बच्ची, एक किशोर, एक महिला और दो युवक शामिल हैं। घटनाएं रेडबिगहा गांव में कररुया नदी, बख्तियारपुर के घोसवरी गंगा घाट, मनेर, तथा खाजेकलां में हुई।
नालंदा में मंगलवार की सुबह बिहारशरीफ के गिरियक थाना क्षेत्र स्थित सकरी नदी में स्नान करने गई तीन किशोरियों की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और एनडीआरएफ की टीम की मदद से तीनों का शव नदी से बाहर निकाला गया।
इसी तरह धनरुआ के रेडबिगहा गांव में कररुया नदी में डूबने से दो बच्ची की मौत हो गई है। वहीं पटना के बख्तियारपुर के घोसवरी गंगा घाट पर स्नान के दौरान एक महिला की डूबने से मौत हो गई।
मृतका की पहचान मिसी निवासी ममता देवी (25) के रूप में हुई है। इधर, पटना के मनेर में नहाने के दौरान किशोर डूब गया। मृतक की पहचान संतोष राय का पुत्र गणेश राय (15) के रूप में हुई है। इसी तरह राजधानी के खाजेकलां में एक युवक की डूबने से मौत हो गई।
नालंदाः दो थीं सगी बहनें
बिहारशरीफ में हुुई घटना में मृतक बच्चियों की पहचान घोसरावां निवासी अजय सिंह की पुत्री अंशु कुमारी (17) व सोनम कुमारी (15) व दीपू सिंह की पुत्री प्रीति कुमारी (15) के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष प्रभा कुमारी ने बताया कि तीनों सकरी नदी में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान तीनों अचानक गहरे पानी मे चली गईं, जिसके बाद वह बाहर नहीं निकल पाईं।
एनडीआरएफ ने पानी से निकाला शव
परिजन को जब तक पता चलता तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम ने नदी में कूदकर तीनों का शव बाहर निकाला। घटना के बाद मृतकों के घर में कोहराम मच गया है। गांव में भी मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीनों के गहरे पानी में जाने पर कुछ लोगों ने उन्हें टोका था पर वे नहीं मानीं।