
UP PF Scam उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड में हजारों करोड़ के पीएफ घोटाला पर पूर्व मुख्यमंत्री तथा बसपा मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। मायावती ने इस पीएम घोटाला को महाघोटाला बताया है। बसपा मुखिया मायावती ने इस घोटाले के दोषी को सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय मायावती ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के भविष्य निधि घोटाले को उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामी माना है। बसपा की अध्यक्ष मायावती ने इस पीएफ घोटाला को महाघोटाला बताया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महाघोटाले में यूपी सरकार की पहले घोर नाकामी व अब ढुलमुल रवैये से कोई ठोस परिणाम निकलने वाला नहीं है। इस बड़े मामले में सीबीआई जांच के साथ-साथ इस गंभीर प्रकरण पर लापरवाही बरतने वाले सभी बड़े ओहदे पर बैठे लोगों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। प्रदेश की जनता को सरकार की इस कार्रवाई का इंतजार है।
1. यूपी के हजारों बिजली इंजीनियरों/कर्मचारियों की कमाई के भविष्य निधि (पीएफ) में जमा 2200 करोड़ से अधिक धन निजी कम्पनी में निवेश के महाघोटाले को भी बीजेपी सरकार रोक नहीं पाई तो अब आरोप-प्रत्यारोप से क्या होगा? सरकार सबसे पहले कर्मचारियों का हित व उनकी क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करे।
मायावती ने कहा कि यूपी के हजारों बिजली इंजीनियरों/कर्मचारियों की कमाई के भविष्य निधि (पीएफ) में जमा 2200 करोड़ से अधिक धन निजी कम्पनी में निवेश के महाघोटाले को भी भाजपा सरकार रोक नहीं पाई। अब इस मामले मेें दोषी को सामने लाने में तत्परता बरतें।
1. यूपी के हजारों बिजली इंजीनियरों/कर्मचारियों की कमाई के भविष्य निधि (पीएफ) में जमा 2200 करोड़ से अधिक धन निजी कम्पनी में निवेश के महाघोटाले को भी बीजेपी सरकार रोक नहीं पाई तो अब आरोप-प्रत्यारोप से क्या होगा? सरकार सबसे पहले कर्मचारियों का हित व उनकी क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करे।
2. इस पीएफ महाघोटाले में यूपी सरकार की पहले घोर नाकामी व अब ढुलमुल रवैये से कोई ठोस परिणाम निकलने वाला नहीं है बल्कि सीबीआई जाँच के साथ-साथ इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी बड़े ओहदे पर बैठे लोगों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है जिसका जनता को इंतजार है। महाघोटाला में अब तो आरोप-प्रत्यारोप से क्या होगा। अब तो प्रदेश सरकार सबसे पहले कर्मचारियों का हित व उनकी क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करे। उनकी गाढ़ी कमाई लौटाने का इंतजाम पहले हो। इसके साथ ही दोषी को भी कड़ा से कड़ा दंड मिले। जिससे कि यह प्रकरण नजीर बने।