STF की मुठभेड़ में आजमगढ़ का कांट्रेक्‍ट किलर ढेर

लखनऊ में रविवार को एसटीएफ ने आजमगढ़ के इनामी कांट्रेक्‍ट किलर को मार गिराया। विभूतिखंड में एमिटी यूनिवर्सिटी के पास हुई मुठभेड़ में इनामी बदमाश सचिन पांडेय को गोली लगी। जिसके बाद उसे लोहिया अस्‍पताल लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। बताया जा रहा है हत्या लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस ने जवाबी फायरिंग में उसका एनकाउंटर किया जिसमें उसकी मौत हो गई।एसटीएफ के मुताबिक सचिन सुपारी लेकर हत्‍या करने की फिराक मे लखनऊ आया था।

भाडे़ पर करता था हत्‍या

बताया जा रहा है कि सचिन पांडेय पर एक लाख रुपये का इनाम था। वो शार्प शूटर था किसी गैंग के लिए काम नहीं करता था। जिससे हत्‍या की सुपारी मिलती थी उसके लिए काम करता था। सचिन पर हत्या, लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज थे। यहां तक कि यूपी से लेकर बिहार तक सचिन पांडे कांट्रेक्‍ट पर हत्या करता था। एसटीएफ को मिली सूचना के बाद एमिटी के पास उसे पकड़ा गया जहां उसने पुलिस पर गोली चला दी जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसे गोली लग गई। पुलिस सचिन को लोहिया अस्‍पताल लेकर गई जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

आजमगढ़ से सचिन पर घोषित 25 हजार रुपये का था ईनाम

निजामाबाद कस्बा के निवासी सचिन पांडेय पुत्र दिनेश पांडेय निजामाबाद थाना का हिस्ट्रीशीटर था। वह गैंग बनाकर हत्या व लूट की घटना को अंजाम देता था। पुलिस रिकार्ड में उसका गैंग डी 16 के नाम से पंजीकृत है। उसके गैंग में 11 सदस्य शामिल हैं। सचिन इसी वर्ष जुलाई में जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। शहर कोतवाली क्षेत्र में 17 सितंबर 2013 की रात को सीओ सिटी के हमराही आरक्षी रजनीश को भी गोली मारी थी। सचिन के खिलाफ 22 से अधिक मुकदमा दर्ज है ।

लखनऊ में किसी की हत्‍या करने आया था सचिन

एसएसपी एसटीएफ राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि किसी की सुपारी लेकर हत्‍या करने की फिराक मे लखनऊ आया था। हमने प्रतिक्रिया की जब चेक करने का प्रयास किया तो उधर से भी फायरिंग हुई। जिसमें वो घायल हो गया बाद में हॉस्पिटल में मृत पाया गया। जानकारी के मुताबिक अकेले था, इसके पास से अवैध प्‍वांट थ्री जीरो की पिस्‍टल मिली है।