चिन्मयानंद मामला: शिकायतकर्ता लड़की पर भी गिरफ्तारी की लटक रही तलवार..

पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के मामले में शिकायतकर्ता लड़की पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. रंगदारी के मामले में उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. जिसके चलते शिकायतकर्ता अपने वकील के साथ मंगलवार को अग्रिम जमानत के लिए अदालत पहुंची. हालांकि अभी तक उसकी अग्रिम जमानत को लेकर कोई जानकारी बाहर नहीं आई है. इससे पहले पीड़िता को हिरासत में लिए जाने की अपुष्ट ख़बर भी आई थी.

बता दें कि इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी ने सोमवार को अपनी स्टेटस रिपोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने पेश कर दी. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पिछले करीब 20 दिनों से एसआईटी स्वामी चिन्मयानंद से जुड़े मामले में जांच कर रही है. उधर, जेल में बंद चिन्मयानंद को खराब स्वास्थ की वजह से केजीएमयू में भर्ती किया गया है.

गौरतलब है कि इस मामले की जांच के दौरान ही एसआईटी ने दो एफआईआर दर्ज की है. एक मामला स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ रेप की धाराओं में दर्ज किया गया है. दूसरा मुकदमा पीड़ित लड़की और उसके दोस्तों के खिलाफ ही दर्ज किया गया है, जो रंगदारी से जुड़ा हुआ है. एसआईटी ने इस मामले में स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया है. उधर, पीड़ित लड़की के तीन दोस्तों सचिन, विक्रम और संजय को भी गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस मामले में एसआईटी पीड़िता को भी गिरफ्तार कर सकती है.

रंगदारी के मुकदमे में पीड़ित लड़की का भी नाम आरोपी के तौर पर दर्ज है. हालांकि एसआईटी ने अभी तक यह गिरफ्तारी नहीं की है. इस बीच एफआईआर में नाम आने के बाद पीड़ित लड़की के परिवार वाले भी कानूनी मदद के लिए लगातार दौड़ भाग कर रहे हैं. इसी के तहत मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने शिकायतकर्ता लड़की ने अपने वकील के साथ जाकर खुद अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की.

इस बीच एसआईटी अपनी जांच के बारे में सोमवार को स्टेटस रिपोर्ट भी पेश कर दी. उसके बारे में कोर्ट के रुख को देखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी. अदालत यह तय करेगी कि वह अब तक की जांच से संतुष्ट है या नहीं. और आगे के लिए निर्देश भी देगी. एसआईटी ने अपनी जांच में हर तरह के सबूत और जांच के तरीकों को इस्तेमाल किया है.

स्टेटस रिपोर्ट दर्ज करने से पहले एसआईटी ने सभी आरोपियों और पीड़िता के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक डिटेल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सभी के वॉइस सैंपल रिकॉर्ड भी इकट्ठा किए हैं. सीडीआर से पता चला है कि स्वामी चिन्मयानंद, पीड़ित लड़की और संजय सिंह के बीच बातचीत के कई लंबे दौर चले हैं. कॉल डिटेल से यह भी पता चलता है कि पीड़िता ने आरोपी संजय से सैकड़ों बार बात की है.

साथ ही साथ एसआईटी ने जो सबूत इकट्टा किए हैं, उसमें स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि होती है. इस मामले में गिरफ्तार संजय सिंह, सचिन और विक्रम की एक वीडियो फुटेज भी एसआईटी अदालत को सौंप देगी. एसआईटी स्वामी चिन्मयानंद के वायरल वीडियो भी अदालत में जमा करेगी.

कुल मिलाकर एसआईटी ने हर तरफ से लगभग अपनी जांच पूरी कर ली है. और अब उसे अदालत के रुख का इंतजार है. उसके हिसाब से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. उधर, तबीयत खराब होने की वजह से चिन्मयानंद को लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया है. जहां उसका उपचार चल रहा है. आरोपी को कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया है.