जानें, शनिदेव की मूर्ति पर क्यों चढ़ाया जाता है तेल…

मान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव पर तेल चढ़ाने से साढ़ेसाती खत्म हो जाती है और उनकी कृपा मिलती है लेकिन कई कथाओं में तेल चढ़ाने की कोई और ही वजह बताई गई है यहां जानें आखिर क्या है रहस्य। हर शनिवार शनिदेव की मूर्ति पर तेल चढ़ाया जाता है मंदिरों में शनिदेव की मूर्तियों के आगे सरसों के तेल के दिए रखे जाते हैं शनिवार के दिन घरों के आस-पास या मंदिरों के बाहर बाल्टी में शनि देव की मूर्ति को आधा तेल में डुबोकर रखते हैं।

ये कथा रामायण काल से जुड़ी है जब हनुमान के बल और पराक्रम से सभी अवगत थे शनिदेव और हनुमान जी दोनों मित्र भी थे लेकिन एक दिन शनिदेव को अपनी शक्ति पर घमंड हो गया इस बीच शनिदेव ने हनुमान को युद्ध के लिए ललकारा हनुमान जी राम भक्ति में लीन थे उसके बावजूद शनिदेव ने हनुमान से युद्ध करना चाहा दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ शनिदेव को काफी चोटें आईं क्योंकि हनुमान जी शनिदेव से अधिक बलशाली थे।

अपने दोस्त शनिदेव को चोटिल देख हनुमान जी को बहुत दुख हुआ उनकी पीड़ा को शांत करने के लिए हनुमान ने शनिदेव के शरीर पर तेल लगाया ताकि उनके घायल मित्र की पीड़ा कम हो सके इस तेल से शनिदेव की पीड़ा समाप्त हो गई तभी से शनि जी की मूर्ति पर तेल अर्पित करने की पंरपरा शुरू हो गई इसी वजह से ये माना जाता है कि उन पर तेल अर्पित करने से जीवन के सभी दुख-दर्द खत्म हो जाते हैं।