
पटना जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) में फर्जीवाड़ा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दो करोड़ से अधिक की राशि की निकासी में हेराफेरी हुई है। इसे लेकर पूरे डाकविभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच की जा रही है। हालांकि चर्चा थी कि इसकी सीबीअाइ जांच की अनुशंसा की गई है। लेकिन अभी इस तरह की कोई अनुशंसा नहीं की गई है। वहीं, इस मामले में पांच कर्मियों की संलिप्तता पाई गई है। उनको सस्पेंड कर दिया गया है।

पांच कर्मियों पर गिरी है गाज
उधर डाक विभाग की मानें तो जीपीओ में ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। बीते 3 अगस्त से इस मामले की विभागीय जांच चल रही है। विभागीय जांच में अब तक पांच कर्मियों पर गाज गिरी है। उनकी संलिप्तता सामने आने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही सभी दस्तावेजों को सील कर दिया गया है।
जांच में पाई गई है संलिप्तता
बता दें कि जांच के पहले दिन काउंटर क्लर्क मुन्ना कुमार को विभाग ने सस्पेंड कर दिया था। विभाग ने जांच के दौरान पांच अगस्त को दो कर्मियों सुजय तिवारी और राजेश कुमार शर्मा की संलिप्तता को देखते हुए उन्हें भी सस्पेंड किया था। शेष दो अन्य कर्मियों सुधीर कुमार और आदित्य के शामिल होने की पुष्टि बाद में हुई। उन्हें भी बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि ग्राहकों के पैसे सुरक्षित हैं और पाई-पाई का हिसाब किया जा रहा है।
खास बातें
- ग्राहकों का पैसा सुरक्षित
- विभागीय जांच को सभी दस्तावेज सील
- पांच कर्मियों की संलिप्तता की पुष्टि, सभी सस्पेंड
- पाई-पाई का हिसाब जोड़ा जा रहा
- दो करोड़ से अधिक की राशि की निकासी फर्जी तरीके से
- तीन अगस्त को मामला आया सामने
- अभी सीबीआई जांच की नहीं हुई है अनुशंसा