फूलका ने नवजोत सिद्धू को दी बड़ी चुनौती, कहा- असेंबली में कुछ नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें

आम आदमी पार्टी व विधायक पद से इस्तीफा दे चुके वरिष्ठ वकील एचएस फूलका ने पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ी चुनौती दी है। फूलका ने सिद्धू पर हमला करते हुए कहा है कि विधानसभा में कुछ नहीं कर सकते तो उनको वहां बैठने का अधिकार नहीं है। वह विधानसभा की सदस्‍यता से इस्‍तीफा देकर जनता के बीच जाएं। सिद्धू ने मंत्री पद अपना विभाग बदले जाने के कारण दिया है न कि बेअदबी मामले में।

सदन में कुछ नहीं कर सकते तो वहां बैठने का कोई अधिकार नहीं

फूलका ने कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की व हरमिंदर सिंह गिल को चुनौती दी है कि वे भी बेअदबी के मुद्दे पर इस्तीफा दें। फूलका ने यहां कहा, मैंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में इंसाफ न होने के कारण ही उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया था। उल्लेखनीय है कि फूलका का इस्तीफा दस माह बाद बीते शुक्रवार को ही स्पीकर ने मंजूर किया है।

फूलका ने कहा कि सिद्धू ने विधानसभा में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आगे झोली फैलाकर बेअदबी मामलों के दोषियों को सजा देने की मांग की थी, लेकिन सरकार इस मामले में ढील बरत रही है और दोषी आज भी पकड़े नहीं गए हैैं। इस मुद्दे पर उनकी झोली अब भी खाली है।

फूलका ने कहा कि सिद्धू ने मंत्री पद से इस्तीफा महकमा बदलने के कारण दिया है। अब तो विधानसभा में उनकी सीट भी बदल दी गई है। फूलका ने कहा कि बेअदबी के मुद्दे पर सिद्धू को विधायक पद से इस्तीफा देकर जनता की कचहरी में आना चाहिए। यदि आप सदन में बैठकर कुछ नहीं कर सकते तो वहां बैठने का कोई फायदा नहीं है।

कांग्रेस विधायक रमनजीत सिक्की व हरमिंदर गिल से भी इस्तीफा मांगा

फूलका ने कांग्रेस विधायक हरमिंदर सिंह गिल और रमनजीत सिंह सिक्की को भी चुनौती देते हुए कहा कि सिक्की ने जब बादल सरकार के समय इस्तीफा दिया था तो सिख कौम ने बहुत मान दिया था। अब तो उनकी पार्टी की ही सरकार है, लेकिन वह कुछ नहीं कर रहे हैैं। इसी तरह हरमिंदर गिल ने भी सदन में लंबा-चौड़ा भाषण दिया था, लेकिन अब वह भी चुप बैठे हैैं।

बैैंस ब्रदर्स भी विधायक पद छोड़ें

उन्होंने कहा कि यदि आम आदमी पार्टी और लोक इंसाफ पार्टी के विधायकों ने इस्तीफा दे दिए होते तो अब तक बेअदबी मामले के दोषी कठघरे में होते। उन्होंने लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष सिमरजीत सिंह बैैंस और उनके भाई बलविंदर बैैंस को भी विधायक पद से इस्तीफा देने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि इस्तीफों की झड़ी लग गई तो सरकार कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बहिबलकलां में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कहने पर ही गोली चलाई गई थी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

क्लोजर रिपोर्ट ध्यान भटकाने के लिए

उन्होंने कहा कि सीबीआइ ने बेअदबी मामले मेें क्लोजर रिपोर्ट इसलिए अदालत में पेश की है जिससे लोगों का ध्यान इस तरफ से हटाया जा सके। इस मामले में अकाली दल भी सियासत कर रहा है जिस वजह से उसका जनाधार और खिसक जाएगा।

वेतन व पेंशन की राशि क्षेत्र के विकास पर खर्च करेंगे

फूलका ने कहा कि विधायक होते हुए जो वेतन व भत्ते उन्होंने हासिल किए हैैं उसको अपने क्षेत्र के विकास और शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए खर्च करेंगे। पेंशन भी इन्हीं कार्यों पर खर्च करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सियासत नहीं छोड़ेंगे, लेकिन कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। बेअदबी मामलों और दिल्ली में सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजा दिलाने के लड़ते रहेंगे।