
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी प्रक्रिया का पता लगाने का दावा किया है, जिसकी मदद से ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर को नष्ट होने से बचाया जा सकता है। जर्नल नेचर कम्यूनिकेशंस में प्रकाशित इस अध्ययन में दावा किया गया है कि इसकी मदद से वैज्ञानिक समुदाय एक बेहतर मॉडल तैयार कर सकता है, जिससे ग्रीनलैंड की कम होती बर्फ को बचाया जा सकता है।
जलवायु परिवर्तन वर्तमान में एक बड़ी वैश्विक समस्या है और इसी का परिणाम है कि ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा (यूएसएफ) के प्रोफेसर टिम डिक्सन के मुताबिक, ग्लेशियरों को पिघलने से रोकने के लिए एक मॉडल तैयार करना बड़ी चुनौती है। एक चीज जिससे हम अंजान हैं, वो यह है कि भविष्य में समुद्र का जलस्तर कितना बढ़ेगा और ग्रीनलैंड की बर्फ कितनी तेजी से पिघलेगी।
इन चीजों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने 2016 में एक प्रयोग शुरू किया। उन्होंने उस वर्ष की गर्मियों में एक नया राडार सिस्टम लगाया, ताकि ग्लेशियरों के पिघलने की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझा जा सके। शोधकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने अपने इस अध्ययन में ऐसी बहुत सी जानकारियां एकत्र कीं, जिनके आधार पर ग्लेशियरों के पिघलने के कारणों और उनकी दर का पता चल सका। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उनके इस अध्ययन की मदद से भविष्य में ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर को पिघलने से रोकने में मदद मिल सकती है।