
जब रेडियो, ऑडियो कैसेट्स, दूरदर्शन और सिंगल स्क्रीन थिएटर लोगों के लिए मनोरंजन के मुख्य माध्यम हुआ करते थे. आज के दौर में मामला बिलकुल अलग है. सिनेमाघरों में मनोरंजन की क्वालिटी इंप्रूव हुई है वहीं इसका खर्च भी बढ़ा है. सिंगल स्क्रीन थिएटर्स के मुकाबले आज मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना कहीं महंगा है.
