शरीर की घड़ी को नजरअंदाज करना, मुश्किल पड़ सकता है ….

एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि खाने का समय मनुष्य के शरीर के लिए बेहद  महत्वपूर्ण है। यह लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने एक प्राथमिक संकेत के रूप में इंसुलिन की पहचान की जो हमारे शरीर में स्थित सेलुलर घड़ियों (जिसे आमतौर पर शरीर की घड़ी के रूप में जाना जाता है।) को भोजन के समय सक्रिय कर देता है।

शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि इस शोध से एक बेहतर समझ विकसित होगी। इससे शरीर की घड़ी में व्यवधान आने से होने वाली बीमारियों को दूर किया जा सकेगा। जर्नल ऑफ सेल में प्रकाशित अध्य्यन के अनुसार सर्केडियन रिदम को भी शरीर की घड़ी के रूप में जाना जाता है। यह एक 24-घंटे का जैविक चक्र है जो शरीर की प्रत्येक कोशिका में पाया जाता है। यह हमारे शरीर में सोने से लेकर, हार्मोन स्तर और  कब हम दवा लेते हैं , इन सबका ध्यान रखता है।

हमारे शरीर की यह घड़ी दिन के समय और खाने के समय के साथ अपना तालमेल बना लेती है। यह लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए महत्वपूर्ण भी है। सभी को यह पता है कि शिफ्ट में काम करने या असमय यात्रा करने से हमारे स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
हालांकि यह पहले से नहीं पता होता कि खाने के समय शारीरिक घड़ी कैसे काम करती  है। इसलिए इससे होने वाली समस्या से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह भी लेना मुश्किल  हो जाता है।

शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए शोध में यह पाया कि जब हम कुछ खाते हैं तो हमारे शरीर में इंसुलिन नामक एक हार्मोंन बनता है जो हमारी जैविक घड़ी को तय करता है। प्रमुख शोधकर्ता डॉ जॉन ओ निल का कहना है कि इन जैविक घड़ियों के केंद्र में कई अणु पाए जाते हैं जो 24 घंटे के समय को निर्धारित करते हैं।

शोधकर्ता डॉ बेचटोल्ड  कहते हैं कि “हम पहले से ही जानते हैं कि आधुनिक समाज में हमें स्वस्थ रहने के लिए कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी चीजें जिन्हें आम तौर पर देखा जाता है, जैसे कि शिफ्ट-वर्क, नींद न आना और जेट लैग, हमारी शारीरिक घड़ी को बाधित करते हैं। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि सर्कैडियन में व्यवधान से हृदय रोग और टाइप 1 मधुमेह सहित कई बीमारियां और तेजी से बढ़ रही हैं।”

डॉक्टर प्रिया कहती हैं कि इससे बचने का एक ही तरीका है कि हम जिस समय खाते हैं उसी समय पर खाना खाएं और बाकी कार्यों को उसी समय करें तो शरीर का जैविक घड़ी सही रहेगी। विशेष रूप से अगर आपकी उम्र ज्यादा है तो इसका ध्यान रखना  और भी आवश्यक है।