इस शिव मंदिर में प्रसाद की जगह चढ़ती है झाड़ू, वजह बेहद अजीब…

हिन्दू धर्म में मंदिर जाना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। मुरादाबाद-आगरा राजमार्ग पर सदत्बदी गांव में स्थित अतिप्राचीन पातालेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां शिवलिंग पर झाडू चढ़ाने से जटिल से जटिल त्वचा रोग का समाधान हो जाता है। यूं तो यहां सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, मगर पवित्र श्रावण मास में बड़ी तादाद में लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिए यहां कतारबद्ध दिखाई दे रहे हैं।
मंदिर में चढ़ाई जाती है झाड़ू:
सदियों पुराने मंदिर के इतिहास के बारे में हालांकि कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, मगर ग्रामीणों का कहना है कि पातालेश्वर मंदिर में जो कोई भक्त अगर अपनी सच्ची श्रद्धा से झाड़ू अर्पित करें तो उसके त्वचा संबंधी रोग खत्म हो जाते हैं।
क्या है इस झाड़ू की मान्यता:
सदियों पहले एक व्यापारी भिखारीदास काफी धनवान होने के बावजूद चर्म रोग से पीड़ित थे। चर्म रोग से पीड़ित व्यापारी किसी वैद्य से अपना इलाज करवाने के लिए जा रहे थे कि तभी रास्ते में उन्हें जोरों की प्यास लगी तो वे पास दिख रहे एक आश्रम में पानी की खातिर गए। जाते-जाते भिखारीदास आश्रम में रखे एक झाड़ू से टकरा गए। उस झाड़ू के स्पर्श मात्र से ही उनका त्वचा रोग ठीक हो गया।