
शब-ए-बरात 20 अप्रैल को है। ऐसे में इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई है। पुरखों की कब्रगाहों पर चरागां के लिए कब्रिस्तानों में साफ सफाई और सजावट शुरू हो गई है। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मस्जिदों में पूरी रात तिलावत के इंतजाम किए जा रहे हैं। कई जगहों पर पूरी रात जलसा आयोजित होगा।
पुरखों की याद में मनाया जाता है शब-ए-बरात
पुरखों की याद में मनाए जाने वाले शब-ए-बरात पर्व के मद्देनजर कब्रिस्तानों, दरगाहों, मस्जिदों के आसपास सजावट की जा रही है। तमाम लोगों ने अपने परिवारवालों की कब्रों पर मिट्टी चढ़वानी शुरू कर दी है। साथ ही फूलों की चादर आदि के लिए मालियों को सहेज दिया है।
इन कब्रिस्तानों को सजाया जा रहा है
काला डांडा कब्रिस्तान, अकबरपुर, करेली कब्रिस्तान, हिम्मतगंज कब्रिस्तान, वफा बाबा कब्रिस्तान, अल्लापुर, शहराराबाग आदि कब्रिस्तनों में साफा सफाई, बिजली पानी के इंतजाम शुरू हो गए हैं। अटाला, दायराशाह अजमल, नखासकोहना, करेली, अकबरपुर, रोशनबाग, चकिया, नीम सरांय, बहादुरगंज दायरा आदि में जलसे के आयोजन की तैयारी की जा रही है। इसी प्रकार हिम्मतगंज दरगाह, कीडगंज स्थित दादा मियां दरगाह, लाइन शाह बाबा दरगाह, चौदहों पीर बाबा, हाईकोर्ट दरगाह, कंपनीबाग दरगाह आदि पर सजावट शुरू कर दी गई है।
दरगाहों पर पूरी रात फातेहा होगी
इन दरगाहों पर पूरी रात फातेहा और चरागां किया जाता है। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की मस्जिदों में पूरी रात ज्यादा से ज्यादा लोगों की तिलावत को लेकर इंतजाम हो रहे हैं। कई जगह पूरी रात लंगर होने है, ऐसे में अभी से इसे लेकर चंदा किया जा रहा है। कई मुस्लिम तंजीमों ने डीएम और नगर आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर मुस्लिम इलाकों में सफाई कराने, सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की है। अभी तक इंतजाम न होने से मुस्लिमों में आक्रोश है। कुछ संगठनों ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी भी की है।
शब-ए-बरात को लेकर कोतवाली में बैठक
कोतवाली थाने में शबेरात के मद्देनजर बैठक सीओ रत्नेश सिंह की अध्यक्षता में हुई। नगर क्षेत्र के समस्त पार्षद, समाजसेवी आदि शामिल हुए। बैठक में सुरक्षा इंतजामों को लेकर निर्देश दिए गए। बैठक में मोहनजी टंडन, लक्ष्मीकांत मिश्रा, ग़ुलाम रसूल, इकबाल अंसारी, आमिर, शेरू, फैय्याज फैजी, गीता गुप्ता आदि ने शब-ए-बरात पर बिजली, पानी और सफाई की समस्या दूर करने की मांग की। क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह ने कहा कि सभी नागरिकों को जागरूक करें कि मतदान में अधिक से अधिक लोग शामिल हों।