अब अंकों में नहीं, नेट रनरेट में होगा मुकाबला; प्वाइंट टेबल दे रही ऐसे संकेत

 पिछले कुछ सालों से आईपीएल मैचों में प्लेऑफ को लेकर दिलचस्प मुकाबले हुए हैं. 2018 में चौथे स्थान के लिए तीन टीमें प्लेऑफ में आते आते रह गईं. इससे पहले 2016 में भी दूसरे तीसरे और चौथी टीमों के बीच फैसला नेट रनरेट से हुआ था. इस साल अंक तालिका किस तरह से बंद होगी, 8-9 मैचों के बाद भी निश्चित तौर पर कहना मुशिकल लग रहा है. इसके साथ ही इस बात की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं कि कुछ टीमों का फैसला नेट रन रेट से हो.

इस बार कई टीमों है नजदीकी मुकाबला
पिछले तीन चार सालों से लगातार आईपीएल प्लेऑफ का फैसला अंतिम मैचों में हो रहा है. इस बार भी यही होगा लेकिन इस बार रोचकता बढ़ गई है. इसकी वजह है कि अभी की सभी टीमों के 8 या 9 मैच हो चुके हैं और चेन्नई को छोड़ टॉप तीन टीमों के 10 अंक हैं. वहीं पांचवे और छठे स्थान की टीमें भी 8 मैच खेलकर 8 अंक हासिल कर चुकी हैं. ऐसे में आगे प्वाइंट टेबल की उठापटक में नेट रनरेट की भूमिका तय मानी जा रही है.

अभी चेन्नई है टॉप पर लेकिन..
गुरुवार की सुबह तक की बात करें तो अभी चेन्नई की टीम 9 मैचों में 14 अंकों के साथ शीर्ष पर है. कहा जा रहा है कि उसका प्लेऑफ में स्थान पक्का है, लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं. अभी के हालातों में अगर चेन्नई बाकी बचे 5 मैच हार जाती है, तो नीचे की पांच टीमें उसे नेट रनरेट के मामले में पीछे धकेल कर उसे बाहर कर सकती हैं.

क्या हो सकती है चेन्नई को परेशानी
चेन्नई के कप्तान धोनी की पीठ में चोट है. बुधवार को हैदराबाद के खिलाफ हुए मैच के दौरान पवेलियन में बैठे धोनी कई बार अपनी कमर सीधी करते नजर आए थे. अगर उनकी तकलीफ पूरी तरह से दूर नहीं हुई तो उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है. वहीं ब्रावो और हरभजन सिंह भी टीम में नहीं हैं. रैना की कप्तानी में हैदराबाद के खिलाफ टीम का प्रदर्शन काफी लचर रहा था. इस हार से टीम का नेट रनरेट भी कम हो गया है.

CSK

तीसरे और चौथे स्थान के लिए है तगड़ा मुकाबला
दूसरे तीसरे और चौथे स्थान पर अभी क्रमशः दिल्ली मुंबई और पंजाब 10 अंको के साथ नेट रनरेट के कारण आगे पीछे हैं. गुरुवार को दिल्ली और मुंबई के मैच का विजेता दूसरे नंबर पर पहुंच जाएगा. उसके बाद तीसरे और चौथे स्थान की टीमें 10 अंक के साथ रह जाएंगी. उनके पीछे हैदाराबाद और कोलकाता 8 मैचों में 8 अंकों के साथ पांचवे और छठे स्थान पर हैं. उनके 9 मैच होने के बाद अंक तालिका भी काफी बदल जाएगी.

राजस्थान और बेंगलुरू बिगाड़ सकती हैं खेल
सातवें स्थान पर राजस्थान और आठवें स्थान पर बेंगलुरू अगले दो दिनों में प्वाइंट टेबल का समीकरण प्रभावित कर सकती हैं. अगर दोनों टीमें जीतती हैं, तो दोनों के क्रमशः छह और चार अंक ही रहेंगे लेकिन वे कोलकाता और मुंबई का गणित जरूर प्रभावित कर देंगी. राजस्थान के लिए सबकुछ अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन बेंगलुरू तो प्लेऑफ से लगभग (बल्कि निश्चित रूप से) बाहर ही हो चुकी है. ये टीमें बाहर भले ही हो जाएं, लेकिन टॉप पर बैठी चेन्नई तक का खेल बिगाड़ने के लिए पूरी तरह से काबिल हैं. हालांकि राजस्थान और चेन्नई के बीच अब कोई मैच नहीं होना है.

तो अगले दो तीन दिनों में क्या बदलाव हो सकता है
गुरुवार से ही अंक तालिका में नंबर दो टीम का फैसला होगा और उसके बाद रविवार तक अभी दूसरे से चौथे स्थान की टीमों की स्थिति में बदलाव होना तय है. दिल्ली और मुंबई दोनों के पास न केवल नंबर टू आने का और उस पर कायम रहने का मौका है, बल्कि वे चेन्नई तक को पीछे खसका सकते हैं, जिसके लिए चेन्नई को बेंगलुरू से हारना होगा. फिलहाल अंक तालिका को ध्यान से देख लीजिए क्योंकि इसमें जल्द ही बहुत ज्यादा बदलाव होने वाले हैं.