अब जल्द घर बैठे मिलेगी DL की जानकारी, बस आवेदक इन बातों का रखें ख्याल

ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) कहां है, घर कब पहुंचेगा या कब डिस्पैच हुआ है? आदि जानकारियों के लिए अब आवेदकों को भटकना नहीं पड़ेगा और न ही बार-बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पडेंग़े। इसके लिए परिवहन विभाग डीएल की वेब ट्रैकिंग व्यवस्था जल्द शुरू करने जा रहा है। इसी माह यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।

पहले आवेदक की सहूलियत के लिए परिवहन विभाग ने डीएल की जानकारी देने के लिए एसएमएस व्यवस्था लागू की थी। तब डीएल आरटीओ कार्यालय से प्रिंट होता था। लिहाजा, अपने डीएल की जानकारी के लिए आवेदक को आरटीओ कार्यालय जाना पड़ता था। अब लाइसेंस की केंद्रीयकृत व्यवस्था और प्रिंटिंग परिवहन आयुक्त कार्यालय से शुरू करा दी गई है। इससे न केवल हाथ के हाथ डीएल पाने की प्रथा पर विराम लगेगी, बल्कि दलालों का भी हस्तक्षेप आमजनों से काफी कम हो जाएगा।

ये है नई वेब ट्रैकिंग व्यवस्था

शुरू होने जा रही इस नई व्यवस्था को एसएमएस से जोड़ा जाएगा। जैसे ही लाइसेंस डिस्पैच होगा, कुछ देर बाद आवेदक द्वारा भरे गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस आएगा। उसी के साथ एक ट्रैकिंग आईडी भेजी जाएगी। साथ ही स्पीड पोस्ट का वेबसाइट भी इसमें दर्ज होगा। चूंकि, पूरी व्यवस्था इंडिया पोस्ट के माध्यम से की जा रही है। लिहाजा, डिस्पैच के साथ पूरी प्रक्रिया ट्रैक पर आ जाएगी। आवेदक ट्रैकिंग आईडी के जरिये अपने लाइसेंस की जानकारी हासिल कर लेगा। वह लाइसेंस कहां है, कब डिस्पैच हुआ है और कब उसके हाथ आएगा, आदि की जानकारी हासिल कर सकेगा।

समझें खुद की जिम्मेदारी, कराएं सही पता दर्ज

आवेदकों के पते पर भेजे जा रहे डीएल लोगों के पास पहुंच रहे हैं।  पर कुछ वापस भी आए हैं। संख्या बड़ी नहीं है। लेकिन, जो खामियां नजर आ रही हैं, उसके लिए आवेदकों को भी गंभीर होना पड़ेगा।

आवेदक इन बातों का रखें ख्याल

  • आवेदक अपना पूर्ण पता दर्ज कराएं
  • शॉर्ट एड्रेस कतई न भरें
  • मकान नंबर, गली, मोहल्ला या फिर आसपास के महत्वपूर्ण स्थलों का जिक्र जरूर करें
  • पिन कोड भरें
  • स्थायी मोबाइल नंबर दर्ज कराएं।

अब हाथ में नहीं मिलेगा लाइसेंस

आरटीओ संजय झा ने बताया कि लोग अब भी लाइसेंस हाथ के हाथ पाने के लिए बेवजह दौड़ रहे हैं। अब डीएल हाथ के हाथ नहीं मिलेंगे। यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। अकारण किसी दलाल या फिर किसी अन्य के फेर में पड़कर अपना पैसा और समय बर्बाद न करें।

क्या कहते हैं अफसर ? 

तकनीकी विंग आरटीओ मुख्यालय संजय नाथ झा का कहना है कि परिवहन विभाग इस माह के अंत तक डीएल वेब ट्रैकिंग व्यवस्था शुरू कर देगा। परिवहन आयुक्त की मंशा है कि व्यवस्था सुदृढ़ और पारदर्शी हो। इससे आवेदक घर बैठे ही अपने डीएल की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे। घर पर ही लाइसेंस पहुंचेगा।