
भाजपा से टिकट कटने के बाद बीजेपी के सदर सांसद अंशुल वर्मा ने पार्टी से इस्तीफा देकर सपा का दामन थाम लिया 2014 में मिश्रिख लोकसभा से सपा से प्रत्याशी रहे जयप्रकाश रावत को करारी हार मिली थी उसके बाद 2019 में हरदोई लोकसभा से हरदोई सदर सांसद अंशुल वर्मा का टिकट काटकर जय प्रकाश को टिकट दे दिया गया यह बात अंशुल वर्मा को नागवार गुजरी और उन्होंने ट्वीट कर भाजपा के खिलाफ भड़ास निकाली उसके दो दिन बाद ही पार्टी से इस्तीफा देकर सपा का दामन थाम लिया वहीं भाजपा के उम्मीदवार जय प्रकाश रावत का सीधा मुकाबला सपा बसपा गठबंधन की प्रत्याशी उषा वर्मा से माना जा रहा है वही सांसद अंशुल वर्मा ने भी भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़ कर सपा का दामन थाम लिया है कहीं न कहीं इसका भी खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा बात करें अगर जातिगत आंकड़ों की दलित यादव और मुसलमान यह सब सपा की झोली में जाने की उम्मीद है वहीं सांसद अंशुल वर्मा भी गठबंधन प्रत्याशी उषा वर्मा के समर्थन में प्रचार प्रसार करेंगे इसका भी खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ेगा कहीं न कहीं हरदोई लोकसभा से सपा की सीट मजबूत दिखाई दे रही है
बरहाल अब देखने वाली बात यह होगी कि बीजेपी का दामन छोड़ कर सपा में शामिल हुए सांसद अंशुल वर्मा हरदोई लोकसभा अपने संसदीय क्षेत्र से गठबंधन प्रत्याशी उषा वर्मा की नैया पार लगा पाते है या नही यह आने वाला समय बतायेगा बरहाल बीजेपी छोड़कर सपा का दामन थामने के बाद जिले की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है