देश के सबसे चहिते शो बिग बॉस की बड़ी धांधली का हुआ खुलासा, पोल खोलने वाले शख्स की जान को खतरा

मुंबई। मशहूर रिएलिटी शो बिग बॉस के नतीजों में फिक्सिंग और उपकरणों की आपूर्ति में धांधली की पोल खोलने वाले वेंडर की जान पर बन आई है। इस शख्स पर जानलेवा हमला हो चुका है। बिग बॉस बनाने वाली कंपनी ने इसका करार भी कथित रूप से फर्जी दस्तखत बनाकर खत्म कर दिया है।

इस पूरे मामले की शिकायत के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के मुंबई पुलिस को दिए गए निर्देश भी नीचे के अधिकारियों ने हवा मे उड़ा दिए हैं। मनोरंजन टीवी चैनलों में बनने वाले रिएलिटी शोज में एडिट गुरु नाम की कंपनी बरसों से उपकरण आपूर्ति का काम करती रही है। इसके मालिक सत्यजीत सिंह पर बीते दिनों गोवा में जानलेवा हमला हुआ।

इस हमले में उनका चेहरा एक तरफ से पूरी तरह झुलस गया। सत्यजीत बताते हैं कि न सिर्फ उनकी जान को बल्कि उनके पूरे परिवार की जान को खतरा है। पुलिस ने उनकी नहीं सुनी तो वह अपनी फरियाद लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के दफ्तर गए। वहां से भेजे गए निर्देशों पर भी मुंबई पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ये पूरा मामला दरअसल कलर्स चैनल पर आने वाले मशहूर शो बिग बॉस से जुड़ा है।

सत्यजीत ने अमर उजाला को बताया कि इसे बनाने वाली कंपनी एंडेमॉल के कुछ अधिकारी उनसे तबसे खफा है जबसे उन्होंने शो के एलिमिनेशन राउंड्स और विजेताओं के चयन में होने वाली धांधली को कलर्स चैनल के अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद उनके फर्जी दस्तखत बनाकर उनका करार खत्म कर दिया गया जबकि उन्होंने कंपनी के इस भरोसे के बाद ही करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक के शूटिंग उपकरण खरीदे थे कि उनका करार अगले तीन साल तक चलता रहेगा।

करार खत्म करने के कागज पर जिस तारीख में सत्यजीत के हस्ताक्षर बनाए गए, सत्यजीत के मुताबिक उस दिन वह भारत में ही नहीं थे। सत्यजीत अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी की शिकायत करने पुलिस के पास गए तो पहले तो पुलिस ने उनकी सुनी नहीं और जब वह मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट गए तो सुनवाई वाले दिन के पहले वाली रात को पुलिस ने मुकदमा दर्ज तो कर लिया लेकिन फिर कोई कार्रवाई नहीं की।

इसी के बाद उन पर जानलेवा हमला भी हुआ। धोखाधड़ी करने, जबरन दफ्तर में बंद करने और कुछ और कागजात पर धमकी देकर दस्तखत कराने के इस मामले में वॉयकॉम 18 के कुछ बड़े अफसरों को भी नामजद किया गया है। इस बारे में जब वॉयकॉम 18 के ग्रुप सीईओ सुधांशु वत्स से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने संदेश का कोई जवाब नहीं दिया।