
बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान ने कम ही समय में प्रसिद्धि पा ली है। उन्होंने पिछले साल फिल्म केदारनाथ से डेब्यू किया था। फिल्म को क्रिटिक्स ने मिले-जुले रिएक्शन दिए थे। बॉक्स ऑफिस पर केदारनाथ ने अच्छी कमाई की थी। साल 2018 के आखिर में सारा की दूसरी फिल्म सिंबा रिलीज हुई जो कि 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस करने में कामयाब रही। सक्सेस को एन्जॉय कर रहीं सारा फिलहाल अपना पूरा ध्यान करियर पर दे रही हैं।
केदारनाथ के प्रमोशन के वक्त भी सारा कई मुद्दों पर जिस तरह अपनी बात रखती थीं उसकी क्रिटिक्स ने काफी सराहना की। बॉलीवुड में पिछले कुछ समय से नेपोटिज्म यानी भाई-भतीजावाद का मुद्दा छाया हुआ है। इसकी शुरुआत तब हुई जब कंगना रनौत ने करण जौहर को भी इसके लपेटे में ले लिया और कहा कि वो नेपोटिज्म को बढ़ावा देने वाले लोगों में शामिल हैं। अब जब सारा से नेपोटिज्म पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर खुलकर बात की।
एक मैगजीन के इंटरव्यू में सारा ने इस बात को स्वीकार किया कि एक स्टारकिड होने के फायदे मिलते हैं। सारा ने कहा कि ‘आपकी पहुंच सभी बड़े लोगों से सीधे होती है। अगर आप स्टारकिड नहीं हैं तो ऐसा मुश्किल हो जाता है। इंडस्ट्री में लोगों की जान-पहचान मायने रखती है और इससे आपकी मदद होती है। मैं इससे इनकार नहीं कर सकती हूं।’
सारा ने आगे कहा कि ‘मुझे एक फायदा यह भी मिलता है कि मैं कभी भी करण जौहर को फोन कर सकती हूं या रोहित शेट्टी के ऑफिस जा सकती हूं। साथ ही आपके साथ एक सुरक्षा भी होती है कि कोई गलत फायदा नहीं उठा सकता है लेकिन ये ध्यान रखना चाहिए कि हमने ऐसी चीजें मांगी नहीं या हमें ऐसा चुनने का मौका मिला हो। आगे के लिए रास्ता हमारे लिए भी उतना ही मुश्किलों भरा ही है। हम भी उतनी ही मेहनत करते हैं।’
बॉलीवुड में भले ही कई लोग जब इस विषय पर बात तक नहीं करते। वहीं सारा ये मानने में बिल्कुल नहीं हिचकिचाती कि स्टारकिड होने के फायदे मिलते हैं। जाहिर है सारा की बातें सुनकर कंगना जरूर खुश होंगी कि आखिर बॉलीवुड में कोई तो स्टारकिड है जो नेपोटिज्म की बातें मानता है।