
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जमात-ए-इस्लामी जम्मू एडं कश्मीर के नेताओं पर छापेमारी की वैधता पर शनिवार (23 फरवरी) को सवाल उठाते हुए कहा कि ‘मनमाने’ कदम से राज्य में ‘मामला जटिल’ ही होगा. जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री शुक्रवार (22 फरवरी) रात में अलगाववादियों और जमात-ए-इस्लामी पर सरकारी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही थी. जेकेएलएफ अध्यक्ष मोहम्मद यासिन मलिक और जमात प्रमुख अब्दुल हमिद फयाज सहित संगठन के दो दर्जन से अधिक नेताओं को हिरासत में लिया गया है.
महबूबा ने ट्वीट किया, पिछले 24 घंटों में हुर्रियत नेताओं और जमात संगटन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. इस तरह की मनमानी कार्रवाई को समझ नहीं पा रही हूं, इससे जम्मू कश्मीर में केवल हालात जटिल ही होंगे.’’
उन्होंने कहा कि किस कानूनी आधार पर उनकी गिरफ्तारी न्यायोचित ठहराई जा सकती है? आप एक व्यक्ति को हिरासत में रख सकते हैं. लेकिन उनके विचारों को नहीं. केन्द्र ने अर्द्धसैनिक बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की भारी तैनाती को बिना कोई कारण बताए को कश्मीर रवाना किया है.