
लखनऊ: इलाहाबाद 16 फरवरी उपभोक्ता संरक्षण उत्थान समिति द्वारा बिजली के लगातार मनमाने तरीके से बढ़ रही कीमतों के विरुद्ध इलाहाबाद उच्चन्यालय मे संस्था के अध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह एवं उपाध्यक्ष अविजित आनन्द द्वारा दायर जनहित याचिका न० 283 पर सुनवाई करते हुए
माननीय उच्चतम न्यायालय इलाहाबाद के विद्वान वरिष्ठ न्यायाधीशों मा प्रदीप कुमार सिंह बघेल एवं मा न्यायाधीश पंकज भाटिया ने UPPCL सहित उनके डिस्कमो सहित अन्य सहयोगी कम्पनीयो मे नियम विरूद्ध तैनात (IAS) अधिकारियों की अवैध नियुक्ति की चुनौती पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुये उत्तर प्रदेश सरकार एवं UPPCL को कड़ी फटकार लगाते हुए मात्र दो सप्ताह मे जबाब देने का आदेश दिया इस याचिका की अगली सुनवाई के लिये 1 मार्च की तारीख मा०उच्चन्यालय द्वारा तय की गई उक्त दिनांक तक राज्य सरकार एवं UPPCL द्वारा डिस्कमो मे तैनात ब्यूरोक्रेट की नियुक्तियों पर जबाब पेश करने का न्यायपालिका ने आदेश दिया मा०उच्चतम न्यायालय मे याचिकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुधाकर पांडेय, सत्येद्र कुमार पांडेय एवम जयप्रकाश मौर्य ने अपना पक्ष रखा एवं राज्य सरकार और UPPCL की ओर से प्रदेश के अपर महाअधिवक्ताि मनीष गोयल, अपर महाअधिवक्ता नीरज त्रिपाठी, अधिवक्ता महबूब आलम एवं अन्य अधिवक्ताओं की एक बड़ी फ़ौज उपस्थित थी परन्तु माननीय न्यायाधीशों ने बडी ही सख्ती के साथ टिप्पणी करके पंद्रह दिनो का समय देते हुए आदेश दिया कि इन ब्यूरोक्रेटस कि नियुक्ति का आधार बताए !
आईए अब हम बताते हैं कि कौन कितने पानी मे है और किस की क्या शैक्षिक योग्ता है और कौन किस पद पर बैठ तानाशाही चला रहा है तो सबसे पहले प्रमुख सचिव ऊर्जा जो कि चेयरमैन है सभी कम्पनियो के उत्पादन निगम , वितरण की सारी कम्पनियो मे ,प्रेषण निगम और जल विद्युत निगम आईए बताते है इन जनाब एकरूप बहुस्वरूप की शैक्षिक योग्ता बीटेक सिविल और Mba फाईनेस यानि कि जनाब ईन्जीनियर तो है लेकिन सिविल के जैसे कि फौजी को मकान बनाने की जिम्मेदारी दी जाए आगे आप खुद समझदार है। इनकी शैक्षिक योग्यता से यह निदेशक वित् की कुर्सी के हकदार है
जो कि किसी हाल मे अध्यक्ष तो छोड़ प्रबंधनिदेशक भी बनने के लायक नहीं हैं और चला रहे है पावर कारपोरेशन वा भई वा प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन श्रीमती अपर्णा यू की यह तो ias है साथ मे इनकी शैक्षिक योग्यता LLB आनर्स है और चला रही है उत्तर प्रदेश का पावर कारपोरेशन है ना काबिल महिला तो क्यो ना जाये पावर कारपोरेशन धाटे मे नाच ना जाने आगन टेढ़ा और इसी तरह की ही शैक्षिक योग्यता के आधार पर यहा पर राज काज चल रहा है ।