
एएमयू छात्रसंघ कर रहे हैं मुस्लिमों का फ्रंट बनाने की तैयारी, अखिलेश-माया के गठबंधन से नाराज छोटी-छोटी मुस्लिम पार्टियां आई एक मंच पर, 15 मुस्लिम पार्टियां अब आई एक मंच पर, 12 फरवरी को मुस्लिम फ्रंट का नाम होगा घोषित, एएमयू के यूनियन हॉल में कई गई प्रेस वार्ता।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ ने उत्तर प्रदेश की दो बड़ी पार्टियों के अध्यक्षों अखिलेश और मायावती द्वारा गठबंधन कर मुस्लिमों को अनदेखा करने से नाराज होकर विरोधाभास साफ कर दिया है, क्योंकि इन दोनों पार्टियों ने गंठबंधन में मुस्लिमों की पार्टियों को अनदेखा किया गया है, इधर RLD को भी शामिल कर लिया गया, इससे नाराज सभी छोटी-छोटी मुस्लिम पार्टियों को एएमयू छात्रसंघ एक मंच पर लाकर इनके विरोध में एक फ्रंट तैयार कर रहे हैं, जिसको लेकर एएमयू यूनियन हॉल में राजनैतिक दलों की बैठक बुलाई गई, जिसमें पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ० अब्दुल मन्नान, इंडियन नेशनल लीग के मोहम्मद सुलेमान, राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष मतीउर रब, भारतीय मजलिस के इरफान बेदार, एएमयू के वासी अहमद, आईआरपीएफ के प्रवक्ता अली मोहम्मद माज, परचम पार्टी के जनरल सेक्रेटरी बच्चन अली खान, नेशनल पार्टी के नईम अहमद एसडीपीआई के सरफुद्दीन अहमद, नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी के फरहत उस्मानी, इंडियन मुस्लिम राबिता काउंसिल के अब्दुर रहमान आदिब शामिल हुए,,,, छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने बताया कि तय यह किया है कि सभी पार्टियां लोकसभा चुनाव में एकजुटता के साथ एक फ्रंट बनाकर उतरेंगी, क्योंकि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने मुस्लिम समाज को सिर्फ वोटबैंक समझा, इसका नेतृत्व छात्रसंघ करेगा इससे पहले मीडिया से बातचीत में भी सभी ने यही बात दोहराई बैठक में छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफियान, सचिव हुजैफा आमिर आदि मौजूद रहे।