
आपने अक्सर लोगों को यही कहते सुना होगा कि मर्द को दर्द नहीं होता लेकिन हाल ही में हुई एक नई स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई है कि महिलाओं को जब किसी भी तरह का दर्द होता है तो वे उसे जल्दी ही भूल जाती हैं लेकिन पुरुष अपने दर्द भरे अनुभवों को लंबे समय तक याद रखते हैं। लिहाजा यह स्टडी इस बात को और इस मान्यता को चैलेंज करती है कि मर्द को दर्द नहीं होता।
दर्द को अलग-अलग तरीके से याद रखते हैं
कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ टॉरंटो मिस्सीसॉगा utm के अनुसंधानकर्ताओं की इस स्टडी में इस बात को दिखाया गया है कि महिलाएं और पुरुष दर्द से जुड़े अपने अनुभवों को अलग-अलग तरीके से याद रखते हैं। एक तरफ जहां पुरुषों को अपने दर्द भरे अनुभव अच्छी तरह से याद थे वहीं महिलाएं भले ही उस दर्द को पूरी तरह से भूल न पाई हों लेकिन वह कम जरूर हो गया था।
दर्द को याद कर तनाव में आ जाते हैं मर्द
जब पुरुषों को भी फिर से किसी तरह का दर्द महसूस होता है तो वे उस दर्द को याद कर तनाव में आ जाते हैं और हाइपरसेंसेटिव हो जाते हैं जबकि महिलाएं अपने पिछले दर्द भरे अनुभव को याद कर किसी तरह से तनाव में नहीं आतीं। इस स्टडी को मनुष्यों के साथ-साथ चूहों पर भी किया गया था जिसमें उन्हें एक खास तरह के रूम में ले जाया गया जहां उन्हें हीट के जरिए लो लेवल का दर्द महसूस करवाया गया। जिसमें पुरुषों को अगले दिन महिलाओं की तुलना में ज्यादा दर्द महसूस हुआ क्योंकि उन्हें पिछले दिन का दर्द याद था।
क्रॉनिक पेन के पीछे का ड्राइविंग फोर्स है उसे याद करना
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अगर याद किया गया दर्द किसी तरह के क्रॉनिक पेन के पीछे का ड्राइविंग फोर्स है और हम इस बात को समझ लें कि आखिर लोग दर्द को कैसे याद रखते हैं तो हम दर्द को याद रखने के तरीके के जरिए दर्द से पीड़ित कुछ लोगों की मदद कर सकते हैं।