
खेल महाकुंभ 2018 के आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी जिलाधिकारी जीएस रावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आयोजन समिति की बैठक की गई जिसमें तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई। 
मुख्य विकास अधिकारी रावत ने बताया कि जिले में न्याय पंचायत, विकास खंड स्तर, जिला एवं राज्य स्तर पर 14 साल, 17 साल, 19 साल के बालक-बालिकाओं और 19 से लेकर 25 साल तक की महिलाओं व दिव्यांगों के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बैठक में कहा कि प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए युवा कल्याण, शिक्षा, खेल एवं पंचायतीराज जैसे विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित किया जाए। खेलों के लिए न्याय पंचायत स्तर पर पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। पंजीकृत खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल व तारीखों के बारे में जानकारी दी जाए। कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर जहां खेल के मैदान हों वहां पर प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर प्रदान करना है। इस आयोजन से ऐसी खेल प्रतिभाएं सामने आएंगी जो भविष्य में देश का नाम रोशन करेंगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला युवा कल्याण अधिकारी न्याय पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर पर होने वाले इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में जिला युवा कल्याण एसएस गुसाईं ने बताया कि ‘खेल महाकुंभ-2018’ की प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत स्तर पर 20 दिसंबर से शुरू की जाएगी। जबकि विकास खंड स्तर पर 21 से 26 दिसंबर तक होंगी। वहीं जिला स्तर पर 27 दिसंबर से अगले वर्ष चार जनवरी तक और राज्य स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन आठ से 21 फरवरी तक किया जाएगा। बताया कि पंजीकरण फार्म संबंधित न्याय पंचायत में संचालित किसी भी विद्यालय के प्रधानाचार्य, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के कार्यालय से लिया जा सकता है।
बैठक मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पांडेय, जिला पंचायतीराज अधिकारी एम जफर खान, जिला क्रीड़ा अधिकारी राजेश ममर्गाइं, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केके सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।