
आयुष्मान भारत योजना के तहत इमरजेंसी में अब मरीजों को निजी अस्पताल के लिए सरकारी अस्पताल का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रेफर कर सकेगा।
डॉक्टर न होने पर उनसे निचले पद के अधिकारियों व कर्मचारियों को रेफर करने का अधिकार होगा। इससे योजना के तहत निजी अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी से नहीं जूझना होगा। विशेषकर पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है, वहां के मरीजों को इसका फायदा होगा।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों में उपचार के लिए मरीजों को पहले सरकारी अस्पताल से रेफर कराना आवश्यक है, लेकिन प्रदेश में कई अस्पताल ऐसे हैं, जहां डॉक्टर ही नहीं हैं। इसके अलावा कई अस्पतालों में दोपहर दो बजे के बाद की शिफ्ट में डॉक्टर नहीं होते।