
चुनाव प्रचार के बाद भाजपा अब मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी करने के लिए जोर लगा रही है. पिछले चुनावों के आंकड़ों को देखकर पार्टी मान रही है कि वोट प्रतिशत बढ़ने से भाजपा को सीधा लाभ होगा. लिहाजा इस बार मतदान के दिन सभी कार्यकर्ताओं को 10.30 तक वोट डालने के निर्देश दे दिए गए हैं. इसके बाद कार्यकर्ता बूथ स्तर पर उन चेहरों को मतदान स्थल तक ले जाने के काम में जुटेंगे, जिनका वोट पार्टी ले खाते में जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि पिछले कई चुनाव में मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के काम में कार्यकर्ता खुद वोट डालने से चूक जाते थे. कई आखिरी समय में इस काम को अंजाम देते थे. ऐसे में पार्टी के पक्के वोट का नुकसान होने की आशंका रहती थी. लेकिन इस बार पार्टी ने इसे समझते हुए ये रणनीति बनाई है. संगठन भी समझ रहा है कि हार-जीत के अंतर में एक-एक वोट की बड़ा महत्वपूर्ण होगा. ऐसे में पार्टी के वोट सुबह करीब 3.30 घंटे के शुरुआती दौर में ही पड़ जाएं, ताकि उसके बाद दूसरे कार्य निपटाए जा सकें.
पार्टी का मानना है कि गली-मोहल्लों से जब लोग एक साथ जब सुबह ही वोट डालने निकलेंगे तो उनके मन में पार्टी के समर्थन को लेकर सकारात्मक भाव उपजेगा. पार्टी ने पहले ही मतदाता सूची के पेज प्रभारी बना रखे हैं, जिसके हिसाब से पार्टी समर्थक मतदाताओं को चिन्हित कर दिया गया है. मतदान के वक्त पेज में चिन्हित चेहरे मतदान केन्द्र तक सुबह ही पहुंच सकें इसके कार्यकर्ताओं को प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं.