
शीर्ष अधिकारियों की आपसी लड़ाई के चलते आंतरिक कलह से जूझ रही सीबीआइ श्री श्री रविशंकर की शरण में है। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के अधिकारी उनसे सकारात्मक सोच के काम करने की कला सीख रहे हैं। सीबीआइ के 150 से ज्यादा अधिकारी आर्ट ऑफ लिविंग के सेमिनार में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान श्री श्री रविशंकर सीबीआइ अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। शनिवार, रविवार और सोमवार को होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीबीआइ के इंस्पेक्टर से लेकर मौजूदा प्रभारी निदेशक एम नागेश्वर राव तक भाग लेंगे।
सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा की लड़ाई और एक-दूसरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण अधिकारियों का मनोबल काफी गिर गया था। सीबीआइ मुख्यालय में हमेशा नकारात्मक बातचीत होने से काम पर काफी असर हो रहा था। ऐसे में अधिकारियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा के संचार और काम के प्रति रूझान बनाने की जरूरत थी। इसी कारण श्री श्रीरविशंकर से संपर्क तक तीन दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम तय किया गया।
गौरतलब है कि सीबीआइ डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के बीच जंग छिड़ी हुई है। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। विगत 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को भेजी अपनी शिकायत में सीबीआइ के दूसरे नंबर के अफसर अस्थाना ने आरोप लगाया था कि मोइन कुरैशी के मामले में अभियुक्त सतीश बाबू सना ने आलोक वर्मा को दो करोड़ रुपये की रिश्वत दी है। इसके बाद एक 24 अक्टूबर की मध्य रात्रि को नाटकीय अंदाज में वर्मा को कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके बाद 26 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच सीवीसी को पूरा करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।