रेलवे रूट की मरम्मत कर रहे चार गैंगमैन की कटकर मौत:हरदोई-लखनऊ

दशहरा पर पंजाब के अमृतसर में बड़े रेल हादसे में 65-67 लोगों के जान गंवा देने के बाद भी रेलवे सचेत नहीं हो रहा है। हरदोई में आज लखनऊ-नई दिल्ली रेलवे रूट पर काम कर रहे चार गैंगमैन की ट्रेन की चपेट में आने के कारण मौत हो गई। 

देश तथा प्रदेश में रेल हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ट्रेन हादसों पर रेलवे प्रशासन रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। हरदोई में आज एक ट्रेन काल बनकर पटरी पर दौड़ पड़ी। इस ट्रेन की चपेट में आने के कारण पटरी पर काम कर रहे चार रेलकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे में एक कर्मचारी लापता है।

संडीला में उमरताली के बीच अप लाइन पर पटरी की मरम्मत के काम के दौरान कुछ रेल कर्मी वेल्डिंग का काम कर रहे थे। इसी बीच में एक ट्रेन पटरी पर आ गई। रेलवे के अधिकारियों की लापरवाही से अचानक आयी ट्रेन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। घटना की जानकारी पर रेलवे प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की पड़ताल में जुट गए हैं। मृतकों में संडीला के छह नंबर गैंग इंजीनियरिंग बिभाग के कर्मचारी कौशल (30) पुत्र ब्रजमोहम, राजेश (32) पुत्र दयाराम, राम स्वरूप (59) पुत्र मोहमक लोहार, राजेन्द्र (28) पुत्र प्रभुदयाल हैं। संडीला निवासी कौशल व राजेद्र, भिठौली निवासी राजेश व महसोंना निवासी रामस्वरूप रेलवे में गैंगमैन थे। चारों दोपहर को लाइन पर काम कर रहे थे। उनके पास बड़ी मशीन थी। उसी दौरान अकालतख्त एक्सप्रेस आ गईं। चारों गैंगमैन कुछ समझ पाते इससे पहले कि वह ट्रेन की चपेट में आ गए । इस घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस, एसपी हरदोई अलोक प्रियदर्शी के साथ रेलवे के अधिकारियों ने मृतकों की शिनाख्त की। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। 

ज्ञात हो की अमृतसर में रावण दहन के दौरान ट्रेन से कटकर 61 लोगों की मौत हो गई और सैंकड़ों लोग घायल हुए थे। घटना के लिए अब तक कोई खास कार्रवाई नहीं की गई है। न ही किसी पर जिम्मेवारी तय हुई, हर कोई अपनी जिम्‍मेदारी से पल्‍ला झाड़ने में लगा है।