

बता दें कि रनों के हिसाब से टीम इंडिया की यह तीसरी सबसे बड़ी जीत है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के सामने 378 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में वेस्टइंडीज 35.2 ओवर में 153 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
टीम इंडिया के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज की शुरुआत निराशाजनक रही। 20 रन के स्कोर पर उसका पहला विकेट चंद्रपॉल हेमराज (14) के रूप में गिरा। उन्हें भुवनेश्वर कुमार ने रायुडू के हाथों कैच आउट कराकर चलता किया। इसके बाद विंडीज के विकेट गिरते चले गए। 47 रन के स्कोर पर विंडीज के 5 विकेट गिर चुके थे।
14वें ओवर की चौथी गेंद पर युवा गेंदबाज खलील अहमद ने वेस्टइंडीज को छठा झटका दिया। उन्होंने मार्लोन सैमुअल्स (18) को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद 19वें ओवर की पांचवी गेंद पर टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को सातवां झटका दिया। चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने फैबियन एलेन (10) को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट कराया।
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादाव ने 23वें ओवर की चौथी गेंद पर एश्ले नर्स (8) को उट कर विंडीज को आठवां झटका दिया। उन्होंने रोहित शर्मा के हाथों उन्हें कैच आउट कराया। कीमो पॉल के रूप में वेस्टइंडीज का 9वां विकेट गिरा। वह रविंद्र जडेजा की गेंद पर विकेट के पीछे (19) स्टंप आउट हो गए। धोनी ने उन्हें स्टंप आउट करके पवेलियन भेजा। विंडीज का अंतिम विकेट रोच के रूप में गिरा। खलील के अलावा टीम इंडिया की तरफ से कुलदीप यादव (3), भुवनेश्वर कुमार और रविंद्र जडेजा ने 1-1 विकेट लिए।
इसके पहले भारतीय टीम ने रोहित शर्मा (162) और अंबाती रायुडू (100) के शानदार शतकों के सहारे निर्धारित 50 ओवर्स में 5 विकेट खोकर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था।