जानिए इस अनोखे कुंड में ताली बजाते ही आता है गर्म पानी

इन्सान सदियों से कुदरत के रहस्य जानने की कोशिश में जुटा है। वह कई रहस्य जान चुका है लेकिन आज भी सृष्टि का अनजाना सत्य उसे कुछ और जानने और समझने की चुनौती देता है। सच और रहस्य की इस दूरी को कम या खत्म करने का सिलसिला बहुत पुराना है। ऐसा ही एक रहस्यमय स्थान झारखंड के बोकारो जिले में स्थित है। इन्सान सदियों से कुदरत के रहस्य जानने की कोशिश में जुटा है। वह कई रहस्य जान चुका है लेकिन आज भी सृष्टि का अनजाना सत्य उसे कुछ और जानने और समझने की चुनौती देता है। सच और रहस्य की इस दूरी को कम या खत्म करने का सिलसिला बहुत पुराना है। ऐसा ही एक रहस्यमय स्थान झारखंड के बोकारो जिले में स्थित है।  यह अनोखा कुंड है जिसकी एक खासियत ने इसे लोगों के आकर्षण का केंद्र बना दिया। इसका नाम है- दलाही कुंड। झारखंड के बोकारो जिले में ऐसा तालाब है जहां पर ताली बजाने से पानी तेजी से बाहर निकलता है। तालाब में पानी इतनी तेजी से निकलता है मानो किसी बर्तन में पानी उबल रहा हो।  यहां गर्मियों में ठंडा तो सर्दियों में बिल्कुल गर्म पानी बाहर आता है। कुंड के साथ लोगों की आस्था जुड़ी हुई है लेकिन यह सच है कि बोकारो से 27 किमी दूर इस अनोखे कुंड में नहाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। मान्यता है कि इस कुंड में नहाने से लोगों की मन्नतें भी पूरी हो सकती हैं। यही नहीं, झारखंड में दूर-दूर तक मशहूर इस कुंड के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का मानना यह भी है कि इसमें एक बार नहाने के बाद लोगों की चर्म रोग संबंधी समस्या भी दूर हो जाती है।  इस कुंड पर किए गए शोध से पता चला कि ऐसी जगहों पर पानी बहुत नीचे होता है अगर लोग कहते है कि इस पानी से नहाने से चर्म रोग दूर होते हैं तो यानि इस पानी में कोई ना कोई चीज मिली हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ताली बजाने से पानी में ध्वनि तरंगों की वजह से पानी पर असर पड़ता है लेकिन यह ऊपर कैसे आता है यह पता अभी नहीं चल पाया है।
यह अनोखा कुंड है जिसकी एक खासियत ने इसे लोगों के आकर्षण का केंद्र बना दिया। इसका नाम है- दलाही कुंड। झारखंड के बोकारो जिले में ऐसा तालाब है जहां पर ताली बजाने से पानी तेजी से बाहर निकलता है। तालाब में पानी इतनी तेजी से निकलता है मानो किसी बर्तन में पानी उबल रहा हो।

यहां गर्मियों में ठंडा तो सर्दियों में बिल्कुल गर्म पानी बाहर आता है। कुंड के साथ लोगों की आस्था जुड़ी हुई है लेकिन यह सच है कि बोकारो से 27 किमी दूर इस अनोखे कुंड में नहाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। मान्यता है कि इस कुंड में नहाने से लोगों की मन्नतें भी पूरी हो सकती हैं। यही नहीं, झारखंड में दूर-दूर तक मशहूर इस कुंड के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का मानना यह भी है कि इसमें एक बार नहाने के बाद लोगों की चर्म रोग संबंधी समस्या भी दूर हो जाती है।

इस कुंड पर किए गए शोध से पता चला कि ऐसी जगहों पर पानी बहुत नीचे होता है अगर लोग कहते है कि इस पानी से नहाने से चर्म रोग दूर होते हैं तो यानि इस पानी में कोई ना कोई चीज मिली हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ताली बजाने से पानी में ध्वनि तरंगों की वजह से पानी पर असर पड़ता है लेकिन यह ऊपर कैसे आता है यह पता अभी नहीं चल पाया है।