लोगों के लिए अपने ही देश की इन ट्रेनों में सफर करना सिर्फ सपना ही है, जानें क्‍यों

ट्रेन की छुक-छुक आखिर किसने नहीं नहीं सुनी होगी। आप में से कईयों ने इसमें दूर या पास का सफर भी किया होगा। मुमकिन है कि कुछ स्‍लीपर और कुछ एसी भी बैठे ही हों। लेकिन क्‍या कभी आपने भारत में चलने वाली ऐसी ट्रेनों के बारे में सुना है जो लग्‍जरी के मामले में दुनिया भर की चुनिंदा ट्रेनों में शामिल की जाती हों। क्‍या आपने कभी ऐसी ट्रेनों को पटरी पर दौड़ते देखा है। हम इस बात पर काफी हद तक विश्‍वास रखते हैं कि आपमें से बहुतों ने ऐसी ट्रनों को देखा ही नहीं होगा। हो सकता है कि कुछ लोगों ने इनके बारे में सुना हो, लेकिन यह भी तय है कि वह इन ट्रेनों में कभी बैठे ना हों। यह भी मुमकिन है कि जानकारी के अभाव में उन्‍होंने भविष्‍य में भी इन ट्रेनों में बैठने का मन न बनाया हो। आपको यह सब सुनकर बड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा, लेकिन यह हमारी और आपकी सच्‍चाई है। दरअसल, हम यहां पर भारत में चलने वाली ऐसी चार ट्रेनों के बारे में बात कर रहे हैं जिनके बारे में जितना कहा जाए कम ही है। ट्रेन की छुक-छुक आखिर किसने नहीं नहीं सुनी होगी। आप में से कईयों ने इसमें दूर या पास का सफर भी किया होगा। मुमकिन है कि कुछ स्‍लीपर और कुछ एसी भी बैठे ही हों। लेकिन क्‍या कभी आपने भारत में चलने वाली ऐसी ट्रेनों के बारे में सुना है जो लग्‍जरी के मामले में दुनिया भर की चुनिंदा ट्रेनों में शामिल की जाती हों। क्‍या आपने कभी ऐसी ट्रेनों को पटरी पर दौड़ते देखा है। हम इस बात पर काफी हद तक विश्‍वास रखते हैं कि आपमें से बहुतों ने ऐसी ट्रनों को देखा ही नहीं होगा। हो सकता है कि कुछ लोगों ने इनके बारे में सुना हो, लेकिन यह भी तय है कि वह इन ट्रेनों में कभी बैठे ना हों। यह भी मुमकिन है कि जानकारी के अभाव में उन्‍होंने भविष्‍य में भी इन ट्रेनों में बैठने का मन न बनाया हो। आपको यह सब सुनकर बड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा, लेकिन यह हमारी और आपकी सच्‍चाई है। दरअसल, हम यहां पर भारत में चलने वाली ऐसी चार ट्रेनों के बारे में बात कर रहे हैं जिनके बारे में जितना कहा जाए कम ही है।  आगे बढ़ने से पहले हम आपको अपने देश में चलने वाली इन ट्रेनों के नाम के बारे में बता देते हैं। इनके नाम हैं महाराजा एक्‍सप्रेस, गोल्‍डन चेरियट, डेक्‍कन ओडिसी और पैलेस ऑन व्‍हील। इनके नाम जानकर शायद आपको इनकी विलासिता के बारे में कुछ अंदाजा हो गया होगा। महाराजा एक्‍सप्रेस को दुनिया की सबसे मंहगी और सबसे विलासिता वाली ट्रेनों में गिना जाता है, वहीं पैलेस ऑन व्‍हील का अर्थ है पहियों पर दौड़ता पैलेस। इनका जैसा नाम है वैसी ही खूबियों से लैस हैं ये ट्रेन। देश की यह चार ट्रेन अलग अलग जगहों को कवर करती हैं।    –– ADVERTISEMENT ––    बुकिंग के लिए साल भर की वेटिंग  आपको शायद यकीन न आए लेकिन यह सच है कि इनकी बुकिंग सप्‍ताह, माह नहीं बल्कि सालों के बाद मिलती है। इन ट्रेनों में ज्‍यादातर विदेशी सैलानी सफर करते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि इन ट्रेनों की खूबसूरती ही इन्‍हें अपनी तरफ खींच लाती है। इतना ही नहीं विलासिता के बीच इन ट्रेनों में आपको अपने देश की संस्‍कृति और साझा विरासत की भी झलक साफतौर पर देखने को मिलती है। दरअसल, इन ट्रेनों में सफर करना जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों को बिताने जैसा है जिसका हर किसी को इंतजार रहता है। यही वजह है कि विदेशी सैलानी हवाई जहाज के मोह को छोड़कर इन ट्रेनों से सफर कर भारत को जानने में ज्‍यादा दिलचस्‍पी दिखाते हैं। इन ट्रेनों के अपने टूर पैकेज होते हैं और अपने किराये होते हैं। यह सैलानियों को एक नहीं कई जगहों के दर्शन कराती हैं। इसके अलावा इन ट्रेनों से सफर करने वाले सभी यात्रियों की आव-भगत पर खास ध्‍यान दिया जाता है।   मलाला यूसुफजई की ब्रांड एम्बेसडर बनीं मुरादाबाद की बेटियां यह भी पढ़ें आपकी सोच से कहीं आगे  इन ट्रेनों में आपकी सोच से कहीं आगे की चीजों को शामिल किया जाता है। मसलन, इन ट्रेनों में वाईफाई कनेक्टिविटी, बार, लग्‍जीरियस डबल और सिंगर बेडरूम, बॉथरूम, शॉपिंग करने के लिए कुछ जगह, कांफ्रेंस रूम, कॉमन डाइनिंग रूम, खास किचन होता है। इन ट्रेनों में सफर करने वालों को एक से एक बेहतरीन शराब पीने के लिए दी जाती है। यदि आप यह नहीं भी पीना चाहते हैं तो एक से एक बेहतरीन शर्बत आपको पेश किया जाता है। सैलानियों के मन बहलाने और उनके मनोरंजन के लिए हर जगह खास इंतजाम किया जाता है। मसलन यदि आप पैलेसे ऑन व्‍हील से सफर करते हैं तो आपको राजस्‍थान के अलग-अलग रूपों के दर्शन कराए जाएंगे। जगह-जगह राजस्‍थान के पारंपरिक लोक-नृत्‍य आदि आपको देखने को मिलेंगे।     महामना एक्सप्रेस पर पथराव, खिड़की के शीशे टूटे; यात्री घायल यह भी पढ़ें प्रोफेशनल्‍स क्रू मैंबर्स इन सभी के अलावा इनमें आपकी सेवा के लिए तैयार वेटर और क्रू मैंबर्स पूरी तरह से प्रोफेशनल्‍स होते हैं। इन ट्रेनों के स्‍टाफ को अंग्रेजी पर अच्‍छी पकड़ के अलावा कई दूसरी भाषाओं का भी ज्ञान होता है। कुल मिलाकर यह महज एक ट्रेन नहीं होती है बल्कि यह आपके सपनों में आने वाले स्‍वर्ग का आनंद करवाती हैं। लेकिन इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए सैकड़ों या हजारों रुपये नहीं बल्कि लाखों का किराया चुकाना होता है। चौंकिये मत जनाब! यह सच है। महाराजा एक्‍सप्रेस में तीन दिन के लिए एक आदमी का किराया 50 हजार से अधिक है। यह किराया भारतीयों के लिए है। यदि आप विदेशी हैं तो इसके लिए आपको करीब साढ़े सात हजार डॉलर से अधिक का भुगतान करना होगा। वहीं यदि आपको इतने दिन के लिए प्रेजिडेंशियल सूट चाहिए तो इसके लिए आपको 3672291 रुपए खर्च करने होंगे। यही वजह है कि इन ट्रेनों में सफर करना हर किसी के बूते की बात नहीं है। आपको यहां पर बता दें कि महाराजा एक्‍सप्रेस में जहां पांच तरह के टूर पैकेज की सुविधा है वहीं पैलेस ऑन व्‍हील में एक और डेक्‍कन ओडिसी में करीब छह टूर पैकेज पर आप जा सकते हैं। इन सभी के लिए आपको अलग-अलग किराया देना होगा।  पैलेस ऑन व्हील्स भारत की पहली शानदार रेल, पैलेस ऑन व्हील्स को 26 जनवरी, 1982 मे गणतंत्र दिवस के दिन से शुरू किया गया था, तब ट्रेन सेवा को नवीनीकृत कर दिया गया और अगस्त 2009 में एक नया रूप और अधिक लक्जरी सुविधाओं के साथ फिर से शुरू किया गया। पैलेस ऑन व्हील्स सर्वश्रेष्ठ रॉयल भारतीय ट्रेन और दुनिया की 4 वीं सबसे अच्छी लक्जरी ट्रेन है जो राजस्थान के जीवंत और पर्यटन स्थलो की सैर करवाती है।   रेल टिकट की बुकिंग में फर्जीवाड़ा: 13 फर्जी आइडी से बनाई 15 लाख की रेल ई-टिकट यह भी पढ़ें   महाराजा एक्सप्रेस महाराजा एक्सप्रेस, आईआरसीटीसी और ट्रैवल एजेंसी कॉक्स एंड किंग्स इंडिया के द्वारा चलाई जाने वाली एक संयुक्त रेल है, जो भारत में सबसे आधुनिक और सबसे महंगी लक्जरी ट्रेन है, जिसमें बड़े स्तर पर भोजन, बार, लाउंज, जनरेटर, एलसीडी टीवी, डायरेक्ट डायल फोन, इंटरनेट, व्यक्तिगत तापमान नियंत्रण सुविधा भी है!   मप्र हाई कोर्ट का अहम फैसला, सहमति से यौन संबंध बनाने के बाद मुकरना दुष्कर्म है यह भी पढ़ें गोल्डन चॅरियट गोल्डन चॅरियट का मतलब होता है सोने का रथ, यह रेल कर्नाटक और गोवा राज्य में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए शुरू की गई एक लक्जरी पर्यटक ट्रेन है जिसमे शाही यात्रा कार्यक्रम के दो रेस्तरां, एक लाउंज बार, सम्मेलन कक्ष, जिम और स्पा सुविधाओं के साथ डिब्बों में बैंगनी और सोने का रंग है।     'मी टू' की तर्ज पर अब पुरुषों ने शुरू किया 'मैन टू' अभियान यह भी पढ़ें डेक्कन ओडिसी दक्कन ओडिसी महाराष्ट्र एमटीडीसी और भारतीय रेलवे के उद्यम द्वारा संचालित एक विशेष लक्जरी ट्रेन है। जो की महाराष्ट्र की विरासत स्थल को जोड़ती है और कोकण मार्ग पर पर्यटन को बढ़ावा देती है। भारत की नई एक्सप्रेस लक्जरी ट्रेन में रेस्तरां और एक बार, सौना, व्यापार केंद्र, कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ सुसज्जित 21 लक्जरी कोच हैं। द इंडियन महाराजा-डेक्कन ओडिसी की दूसरी नीली ट्रेन मुंबई से नई दिल्ली तक चलती है जिसे दुनिया में सबसे अच्छी लक्जरी ट्रेन माना जाता है। शानदार डेक्कन ओडिसी पर महाराष्ट्र की विरासत स्थलों और गोवा में सुंदर समुद्र तटों के जीवन काल के अनुभव में एक बार आनंद लें।  रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स आरटीडीसी द्वारा चलने वाली लक्जरी पर्यटन ट्रेन है। राजस्थान की शाही गाड़ी सुपर डीलक्स कमरे, रेस्तरां, बार, बोर्ड रूम, फिटनेस सेंटर, स्पा, सैलून और सक्षम वाई-फाई जैसी सुविधाएं से सुसज्जित है। रॉयल राजस्थान लक्जरी ट्रेन ने जनवरी 2009 से अपनी शाही यात्रा शुरू की और आपको राजस्थान और आगरा के विरासत स्थलों में ले जाया गया।

आगे बढ़ने से पहले हम आपको अपने देश में चलने वाली इन ट्रेनों के नाम के बारे में बता देते हैं। इनके नाम हैं महाराजा एक्‍सप्रेस, गोल्‍डन चेरियट, डेक्‍कन ओडिसी और पैलेस ऑन व्‍हील। इनके नाम जानकर शायद आपको इनकी विलासिता के बारे में कुछ अंदाजा हो गया होगा। महाराजा एक्‍सप्रेस को दुनिया की सबसे मंहगी और सबसे विलासिता वाली ट्रेनों में गिना जाता है, वहीं पैलेस ऑन व्‍हील का अर्थ है पहियों पर दौड़ता पैलेस। इनका जैसा नाम है वैसी ही खूबियों से लैस हैं ये ट्रेन। देश की यह चार ट्रेन अलग अलग जगहों को कवर करती हैं।

बुकिंग के लिए साल भर की वेटिंग 

आपको शायद यकीन न आए लेकिन यह सच है कि इनकी बुकिंग सप्‍ताह, माह नहीं बल्कि सालों के बाद मिलती है। इन ट्रेनों में ज्‍यादातर विदेशी सैलानी सफर करते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि इन ट्रेनों की खूबसूरती ही इन्‍हें अपनी तरफ खींच लाती है। इतना ही नहीं विलासिता के बीच इन ट्रेनों में आपको अपने देश की संस्‍कृति और साझा विरासत की भी झलक साफतौर पर देखने को मिलती है। दरअसल, इन ट्रेनों में सफर करना जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों को बिताने जैसा है जिसका हर किसी को इंतजार रहता है। यही वजह है कि विदेशी सैलानी हवाई जहाज के मोह को छोड़कर इन ट्रेनों से सफर कर भारत को जानने में ज्‍यादा दिलचस्‍पी दिखाते हैं। इन ट्रेनों के अपने टूर पैकेज होते हैं और अपने किराये होते हैं। यह सैलानियों को एक नहीं कई जगहों के दर्शन कराती हैं। इसके अलावा इन ट्रेनों से सफर करने वाले सभी यात्रियों की आव-भगत पर खास ध्‍यान दिया जाता है।

आपकी सोच से कहीं आगे 

इन ट्रेनों में आपकी सोच से कहीं आगे की चीजों को शामिल किया जाता है। मसलन, इन ट्रेनों में वाईफाई कनेक्टिविटी, बार, लग्‍जीरियस डबल और सिंगर बेडरूम, बॉथरूम, शॉपिंग करने के लिए कुछ जगह, कांफ्रेंस रूम, कॉमन डाइनिंग रूम, खास किचन होता है। इन ट्रेनों में सफर करने वालों को एक से एक बेहतरीन शराब पीने के लिए दी जाती है। यदि आप यह नहीं भी पीना चाहते हैं तो एक से एक बेहतरीन शर्बत आपको पेश किया जाता है। सैलानियों के मन बहलाने और उनके मनोरंजन के लिए हर जगह खास इंतजाम किया जाता है। मसलन यदि आप पैलेसे ऑन व्‍हील से सफर करते हैं तो आपको राजस्‍थान के अलग-अलग रूपों के दर्शन कराए जाएंगे। जगह-जगह राजस्‍थान के पारंपरिक लोक-नृत्‍य आदि आपको देखने को मिलेंगे।

प्रोफेशनल्‍स क्रू मैंबर्स

इन सभी के अलावा इनमें आपकी सेवा के लिए तैयार वेटर और क्रू मैंबर्स पूरी तरह से प्रोफेशनल्‍स होते हैं। इन ट्रेनों के स्‍टाफ को अंग्रेजी पर अच्‍छी पकड़ के अलावा कई दूसरी भाषाओं का भी ज्ञान होता है। कुल मिलाकर यह महज एक ट्रेन नहीं होती है बल्कि यह आपके सपनों में आने वाले स्‍वर्ग का आनंद करवाती हैं। लेकिन इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए सैकड़ों या हजारों रुपये नहीं बल्कि लाखों का किराया चुकाना होता है। चौंकिये मत जनाब! यह सच है। महाराजा एक्‍सप्रेस में तीन दिन के लिए एक आदमी का किराया 50 हजार से अधिक है। यह किराया भारतीयों के लिए है। यदि आप विदेशी हैं तो इसके लिए आपको करीब साढ़े सात हजार डॉलर से अधिक का भुगतान करना होगा। वहीं यदि आपको इतने दिन के लिए प्रेजिडेंशियल सूट चाहिए तो इसके लिए आपको 3672291 रुपए खर्च करने होंगे। यही वजह है कि इन ट्रेनों में सफर करना हर किसी के बूते की बात नहीं है। आपको यहां पर बता दें कि महाराजा एक्‍सप्रेस में जहां पांच तरह के टूर पैकेज की सुविधा है वहीं पैलेस ऑन व्‍हील में एक और डेक्‍कन ओडिसी में करीब छह टूर पैकेज पर आप जा सकते हैं। इन सभी के लिए आपको अलग-अलग किराया देना होगा।

पैलेस ऑन व्हील्स

भारत की पहली शानदार रेल, पैलेस ऑन व्हील्स को 26 जनवरी, 1982 मे गणतंत्र दिवस के दिन से शुरू किया गया था, तब ट्रेन सेवा को नवीनीकृत कर दिया गया और अगस्त 2009 में एक नया रूप और अधिक लक्जरी सुविधाओं के साथ फिर से शुरू किया गया। पैलेस ऑन व्हील्स सर्वश्रेष्ठ रॉयल भारतीय ट्रेन और दुनिया की 4 वीं सबसे अच्छी लक्जरी ट्रेन है जो राजस्थान के जीवंत और पर्यटन स्थलो की सैर करवाती है।

महाराजा एक्सप्रेस

महाराजा एक्सप्रेस, आईआरसीटीसी और ट्रैवल एजेंसी कॉक्स एंड किंग्स इंडिया के द्वारा चलाई जाने वाली एक संयुक्त रेल है, जो भारत में सबसे आधुनिक और सबसे महंगी लक्जरी ट्रेन है, जिसमें बड़े स्तर पर भोजन, बार, लाउंज, जनरेटर, एलसीडी टीवी, डायरेक्ट डायल फोन, इंटरनेट, व्यक्तिगत तापमान नियंत्रण सुविधा भी है!

गोल्डन चॅरियट

गोल्डन चॅरियट का मतलब होता है सोने का रथ, यह रेल कर्नाटक और गोवा राज्य में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए शुरू की गई एक लक्जरी पर्यटक ट्रेन है जिसमे शाही यात्रा कार्यक्रम के दो रेस्तरां, एक लाउंज बार, सम्मेलन कक्ष, जिम और स्पा सुविधाओं के साथ डिब्बों में बैंगनी और सोने का रंग है।

डेक्कन ओडिसी
दक्कन ओडिसी महाराष्ट्र एमटीडीसी और भारतीय रेलवे के उद्यम द्वारा संचालित एक विशेष लक्जरी ट्रेन है। जो की महाराष्ट्र की विरासत स्थल को जोड़ती है और कोकण मार्ग पर पर्यटन को बढ़ावा देती है। भारत की नई एक्सप्रेस लक्जरी ट्रेन में रेस्तरां और एक बार, सौना, व्यापार केंद्र, कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ सुसज्जित 21 लक्जरी कोच हैं। द इंडियन महाराजा-डेक्कन ओडिसी की दूसरी नीली ट्रेन मुंबई से नई दिल्ली तक चलती है जिसे दुनिया में सबसे अच्छी लक्जरी ट्रेन माना जाता है। शानदार डेक्कन ओडिसी पर महाराष्ट्र की विरासत स्थलों और गोवा में सुंदर समुद्र तटों के जीवन काल के अनुभव में एक बार आनंद लें।

रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स

रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स आरटीडीसी द्वारा चलने वाली लक्जरी पर्यटन ट्रेन है। राजस्थान की शाही गाड़ी सुपर डीलक्स कमरे, रेस्तरां, बार, बोर्ड रूम, फिटनेस सेंटर, स्पा, सैलून और सक्षम वाई-फाई जैसी सुविधाएं से सुसज्जित है। रॉयल राजस्थान लक्जरी ट्रेन ने जनवरी 2009 से अपनी शाही यात्रा शुरू की और आपको राजस्थान और आगरा के विरासत स्थलों में ले जाया गया।