बेनामी संपत्तियों की सुनवाई करेंगी विशेष अदालतें

दीपक बहल, अंबाला। बेनामी संपत्ति लेनदेन से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालतें करेंगी। वित्त मंत्रालय ने 17 अक्टूबर 2018 को नोटिफिकेशन जारी कर विशेष अदालतों की सूची जारी कर दी है। भ्रष्टाचार और अवैध तरीकों से अर्जित की संपत्ति पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अदालतें चिन्हित होने के बाद अब बेनामी संपत्तियों के मुकदमों की फाइलें विशेष अदालतों में आ जाएंगी। बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 को संशोधित और मजबूत कर 1 नवंबर 2016 से लागू कर दिया गया है। इस कानून की धारा 7 के तहत 7 साल तक के कठोर कारावास और संपत्ति के बाजार मूल्य के 25 फीसदी तक जुर्माने का प्रावधान है।

विशेष अदालतों की सूची :

हरियाणा : अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कैथल और कुरुक्षेत्र के लिए अंबाला सेशन जज की अदालत को विशेष अदालत में लिया गया है, जबकि गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात, नारनौल और रेवाड़ी के लिए गुरुग्राम के सेशन जज की कोर्ट को अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा पंचकूला स्थित विशेष सीबीआइ की कोर्ट पूरे हरियाणा प्रदेश के लिए अधिकृत की गई।

पंजाब : राजस्व जिलों जालंधर, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला, नवांशहर एवं तरन-तरन के लिए सेशन कोर्ट, जालंधर को जबकि मोहाली स्थित पंजाब की विशेष सीबीआइ अदालत पूरे राज्य के लिए अधिकृत कर दी गई है। इसी प्रकार चंडीगढ़ के सेशन जज की कोर्ट पूरे चंडीगढ़ राजस्व जिले के लिए विशेष अदालत होगी। बिहार : जिला और सेशन न्यायाधीश, पटना। संपूर्ण बिहार राज्य। छत्तीसगढ़ : 7वें अपर सेशन न्यायाधीश का न्यायालय, रायपुर। संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य।

हिमाचल प्रदेश : सेशन न्यायालय, शिमला (शिमला, किन्नाौर, सोलन और नाहन जिले के लिए)। सेशन न्यायालय, कांगड़ा (धर्मशाला कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिले के लिए)। सेशन न्यायालय, मंडी (मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर जिले)

झारखंड : प्रथम अपर न्यायिक आयुक्त, रांची (रांची का सेशन खंड)। विशेष न्यायाधीश-1 का न्यायालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरा (एसीबी), रांची (संपूर्ण झारखंड राज्य)।

मध्यप्रदेश : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मामलों से संबंधित पदाभिहित न्यायालय, इंदौर (इंदौर, धार, झबुआ, रतलाम, मंदसौर, मंडलेश्र्वर, उज्जैन, देवास, शाजपुर, खंडवा, बदवानी, नीमच, अलीराजपुर और बुरहानपुर के राजस्व जिलों के लिए)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मामलों से संबंधित पदाभिहित न्यायालय, भोपाल (भोपाल, सेहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, बेतूल, होशंगाबाद, हरदा, गवालियर, मोरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, गुना, शियोपुर और अशोकनगर के राजस्व जिले)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मामलों से संबंधित पदाभिहित न्यायालय, जबलपुर (जबलपुर, नरसिंहपुर, छिदवाड़ा, सियोनी, मंडला, दिनदूरी, बालाघाट, रिवा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सिद्धी, सतना, कटनी, सागर, दामोह, पन्नाा और सिंगरौली के राजस्व जिले)।

उत्तराखंड : जिला और सेशन न्यायाधीश का न्यायालय, देहरादून (संपूर्ण उत्तराखंड राज्य के लिए)।

उत्तरप्रदेश : 9 अपर जिला और सेशन न्यायाधीश का न्यायालय, लखनऊ (आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, औरैया, बागपत, बिजनौर, बदायूं, बरेली, बहराइच, बाराबंकी, बुलंदशहर, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, फर्रूखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कन्नाौज, कानपुर नगर, रामाबाई नगर (कानपुर देहात), कासगंज, लखीमपुर खेरी, लखनऊ, मुरादाबाद, मथुरा, मैनपुरी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, रायबरेली, संभल, शाहजहांपुर, शामली, सीतापुर, सहारनपुर और उन्नााव के जिलों के लिए)। 9 अपर जिला और सेशन न्यायाधीश का न्यायालय, इलाहाबाद ( इलाहाबाद, अकबरपुर-अंबेडकर नगर, आजमगढ़, अमेठी, गयानपुर-भदोई, बलिया, बांदा, बस्ती, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फैजाबाद, फतेहपुर, गोंडा, गोरखपुर, गाजीपुर, हमीरपुर, झांसी, उरई-जालौन, जौनपुर, कौशाम्बी, पडरौना-कुशीनगर, ललितपुर, महराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, महोबा, प्रतापगढ़, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, संतकबीर नगर, सोनभद्र और वाराणसी के जिले)।

पश्चिम बंगाल : अपर जिला और सेशन न्यायाधीश, 1 न्यायालय, सिलीगुडी, दार्जिलिंग (दार्जिलिंग, कलिंपोंग, जलपाईगुडी, कूचबिहार, दक्षिण दिंजापुर, उत्तर दिंजापुर और माल्दा के जिले)। अपर जिला और सेशन न्यायाधीश, 1 न्यायालय, सिलीगुडी, बर्धमान (पूर्व बर्धमान, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, पुरूलिया और बांकुरा के जिले)। अपर जिला और सेशन न्यायाधीश, 1 न्यायालय, कृषनगर, नाडिया (नाडिया और मुर्शिदाबाद के जिले)। न्यायाधीश, बेंच-1, शहर सेशन न्यायालय, कलकत्ता (कलकत्ता, पूर्व मेदनीपुर, पश्चिम मेदनीपुर, हावड़ा, हुगली, उत्तरी 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के जिले)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली : प्रत्येक जिले में 02 अपर सेशन न्यायाधीश का न्यायालय।