
अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुआ रेल हादसा उप्र को भी बहुत बड़ा गम दे गया। हादसे में प्रदेश के नौ लोगों के मरने की जानकारी अब तक सामने आई है। मृतकों के गांवों में मातम पसरा है और सभी स्तब्ध हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरदोई जिले के बेहटागोकुल थाना क्षेत्र के सुरजीपुर निवासी आत्माराम के पुत्र गिरेंद्र कुमार (40) व पवन कुमार पंजाब के अमृतसर जिले में धोबीघाट जोड़ा फाटक के पास पिछले 20 साल से परिवार समेत रहते थे। दोनों फलों का ठेला लगाते थे। शुक्रवार को रावण दहन देखने गए थे और अन्य लोगों के साथ रेल ट्रैक के पास खड़े हो गए थे और उसी समय हादसा हो गया, जिसमें दोनों की मौत हो गई।
इसी तरह सुलतानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी श्रीराम के बेटे दिनेश कुमार (35), पत्नी प्रीती (33) व पुत्र अभिषेक (11) की हादसे में मौत से कोहराम मच गया है। साथ में दिनेश कुमार का दो वर्षीय पुत्र अरूस भी था, लेकिन वह बाल बाल बच गया। घटना की सूचना दिनेश के भाई राकेश कुमार ने अपनी मां देवराज को मोबाइल फोन से दी तो वह बेहोश हो गईं।
परिवारीजन बताते हैं कि दिनेश अपने परिवार व भाई राकेश के साथ प्लंबर का काम करते थे और जोड़ा फाटक अमृतसर में रह रहे थे। वह आखिरी बार गत मई में गांव आए थे।
गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बंगेद गांव निवासी रामबिलास सिंह कुशवाहा और उनके छोटे भाई प्रदीप (22) अमृतसर में रह कर प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते थे। प्रदीप अपने बड़े भाई के बच्चों चार वर्षीय सार्थक और सात वर्षीय काजल को घुमाने रावण दहन के मेले में गए थे। वहां ट्रेन से हुए हादसे में प्रदीप और सार्थक की मौत हो गई। भतीजी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जीवन-मौत से जूझ रही है। हादसे की खबर लगते ही गांव में मातम छा गया।
आजमगढ़ के तहबरपुर थाना के रैसिहपुर गांव निवासी 24 वर्षीय राममिलन पुत्र फेकू निषाद अमृतसर में पेंटिग का काम करते थे। वह अभी सात अक्टूबर को अमृतसर गए थे। रावण दहन मेले के समय ट्रेन की चपेट मे आने उनकी मौत हो गई। उनका एक पुत्र दो वर्ष का शिवम है। गर्भवती पत्नी कविता का रो-रोकर बुरा हाल है।