
अफगानिस्तान में लंबे इंतजार के बाद संसदीय चुनाव हो रहे हैं। तालिबान की धमकियों के बीच अफगानिस्तान की 249 संसदीय सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। वैसे तो साल 2015 में ये चुनाव निर्धारित किए गए थे, लेकिन सुरक्षा कारणों और वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सुधार के चलते तारीख आगे खिसका दी गई। अफगानी सरकार ने जनता को भरोसा दिलाया कि वोटिंग प्रणाली एकदम सुरक्षित होगी।
हालांकि, हिंसा वाले इस देश में तालिबानी आतंकियों द्वारा हमले का खतरा बरकरार है। साथ ही तालिबान इन चुनावों को फर्जी बता रहा है और इस संगठन ने इस प्रक्रिया में बाधा डालने को कहा है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान की 249 संसदीय सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कुल 2,500 उम्मीदवार हिस्सा ले रहे हैं। वोटिंग सुबह सात बजे से शुरू होकर दोपहर चार बजे तक होगी।
तालिबान की धमकी
तालिबान ने अफगानिस्तान में संसदीय चुनाव के दिन सारी सड़कों को बंद करने की धमकी दी है। उसने यह धमकी इसलिए दी है ताकि लोग मतदान केन्द्र जाकर अपने मत का प्रयोग न कर सकें। तालिबान ने इन चुनावों का बहिष्कार करने की घोषणा की है। उसने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा, हम देश के सभी मार्गो को बंद कर देंगे ताकि चुनाव के दिन लोग घर पर रहें और मतदान न कर सकें।