
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी सुप्रीमो आेमप्रकाश चौटाला का रुख बेहद कड़ा था। उनका पोताें दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला के प्रति गुस्सा साफ दिख रहा था। इस दौरान सब कुछ जैसे व जिस अंदाज में हुआ उससे साफ हाे गया कि बैठक की स्क्रिप्ट पहले ही तैयार कर ली गई थी। इस बारे में बैठक में बस औपचारिकता निभाई गई। पूरे घटनाक्रम में यह लगभग तय है कि दुष्यंत और दिग्विजय 25 अक्टूबर को इनेलाे से निष्कासित कर दिए जाएंगे। यह बात पार्टी के आला नेताओं को भी पता थी आैर इसका अनुमान संभवत: दोनों भाइयों को भी था।
दरअसल 7 अक्टूबर की गाेहाना रैली में हुई हुल्लड़बाजी को लेकर दुष्यंत और दिग्विजय को नोटिस जारी किए गए थे। बुधवार को नोटिस के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने अनुशासनहीनता के अारोप के बारे में सबूत मांगे थे। दोनों ने सुबूत देने के साथ ही जवाब देने के लिए और समय की मांग भी की थी। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला इसी से बहुत नाराज हुए और दुष्यंत और दिग्विजय सिंह चौटाला के खिलाफ निष्कासन जैसी कार्रवाई का मन बनाया। बैठक में दोनों को पार्टी से बाहर निकालने की भूमिका तैयार हो गई है। प्रदेश कार्यकारिणी में चौटाला ने यहां तक कहा कि वह दुष्यंत व दिग्विजय के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।