
अहमदाबाद, जेएनएन। वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला के पुत्र महेंद्र सिंह वाघेला ने भाजपा अध्यक्ष जीतूभाई वाघाणी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। महेंद्र तीन माह पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। पिता शंकर सिंह उनके इस कदम से नाराज थे।
गुजरात में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा को एक झटका लगा है। दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला के पुत्र महेंद्र सिंह वाघेला ने तीन माह भाजपा में रहने के बाद आखिर पार्टी को अलविदा कह दिया। अगस्त 2017 में महेंद्र ने कांग्रेस छोड़ी थी। इसके बाद जुलाई 2018 में वे भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके भाजपा में जाने से पिता शंकर सिंह नाराज थे। पिता ने इन्हीं कारणों से पुत्र महेंद्र से राजनीतिक संबंध खत्म कर लिए थे, ऐसा खुद शंकर सिंह ने कहा था। पिता का कहना था कि महेंद्र को जिस भी पार्टी में शामिल होना है, वह अपने कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन बुलाएं तथा उसके बाद उनसे पूछकर ही कोई फैसला करें।
भाजपा छोड़ने के बाद महेंद्र सिंह वाघेला ने किसी पार्टी में जाने के संकेत तो नहीं दिए हैं, लेकिन उनकी कांग्रेस वापसी पर पूर्ण विराम नहीं लगा है। हो सकता है महेंद्र पिता शंकर सिंह के साथ तीसरे मोर्चे से लोकसभा चुनाव लड़ें। साबरकांठा से उनके लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना है, जहां से पिछला चुनाव उनके पिता ने लड़ा था। महेंद्र सिंह के समधी बलवंत सिंह राजपूत भाजपा में ही हैं, उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के खिलाफ राज्यसभा चुनाव लड़ा था।