
हांगकांग, मकाउ और चीनी शहर झुहैइ को जोड़ने वाले दुनिया के सबसे बड़े समुद्री पुल के उद्घाटन समारोह का एलान चीन ने कर दिया है। इस एलान के साथ ही परियोजना के आलोचकों ने इसमें बरती गई अपारदर्शिता के लिए बीजिंग को घेरना शुरू कर दिया है। पुल के समर्थक इसे इंजीनियरिंग की एक बेहतरीन मिसाल बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ आलोचक इसे एक खर्चीली और हांगकांग पर अपना प्रभाव बढ़ाने की बीजिंग की एक साजिश बता रहे हैं। पुल के उद्घाटन समारोह में चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग के शामिल होने की भी सूचना थी। स्थानीय मीडिया को मंगलवार को पुल के उद्घाटन समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया था लेकिन इसके बाद उनको कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई और यह भी बताया नहीं गया कि पुल पर परिचालन शुरू हो गया या नहीं।
दुनिया को चौंकाया
चीन ने 55 किमी लंबा समुद्री पुल बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। यह दुनिया का सबसे लंबा समुद्री पुल है।पुल हांगकांग को चीन के दक्षिणी शहर झूहाई और मकाउ के गैमलिंग एनक्लेव से जोड़ेगा। नौ साल से बन रही इस पुल को बनाने में एफिल टावर के मुकाबले 60 गुना ज्यादा स्टील खर्च हुआ है। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार इसकी तैयारी में छह साल लग गये और 31 दिसबंर 2017 को इसका काम पूरा हुआ। दुनिया के इस सबसे लंबे पुल पर पैदल सवार नहीं चल सकेंगे। वहीं चीन से जाने वाली कार को हांग कांग में घुसने से पहले रोड में अपनी साइड बदलनी होगी। क्योंकि हांग कांग में भारत की तरह ट्रैफिक बायीं तरफ चलता है।