
पूरे वेतनमान के साथ पक्का करने की मांग को लेकर धरना दे रहे रमसा और एसएसए अध्यापकों के आगे पंजाब सरकार नहीं झुकेगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि अगर अध्यापकों को वर्तमान वेतन चाहिए तो वह एडहॉक पर ही अपने सेवाएं दे सकते हैं। अगर उन्हें पक्का होना है, तो तीन साल के लिए 15000 के ही वेतनमान पर काम करना होगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 40,000 कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के लिए पंजाब सरकार दिसंबर में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। 
पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय शिक्षा मंत्री और शिक्षकों के शिष्टमंडल में बातचीत हुई थी तो वह इस बात को मान गए थे। इसके चलते सरकार ने 10,300 वेतनमान में वृद्धि करके उन्हें 15 हजार रुपये कर दिया। आज 8,800 शिक्षकों में कुछ नहीं मान रहे हैं। वह धरना दे रहे हैं लेकिन सरकार का इस मामले में स्टैंड बिल्कुल स्पष्ट है।