AK 56 के साथ पकड़े गए कश्‍मीरी छात्रों का चंडीगढ़ से ज़ुड़ा कनेक्‍शन

यहां एक इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्‍टल से एक 56 राइफल और अन्‍य हथियार के संग पकड़े गए तीन कश्‍मीरी छात्रों का कनेक्‍शन चंडीगढ़ से भी जुड़ रहा है। इनमें से एक छात्र चंडीगढ़ आया था और यहां एक रात किसी के यहां रुका था। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि अंसार-गजावत-उल-हिंद के जुड़े इन छात्राें रफीक बट्ट, इदरीश, जादिह श्रीनगर से पकड़े गए सोहेल के साथ एक ही स्‍कूल में पढ़ाई की थी। उनको स्‍कूलों में पढ़ने के दौरान ही आतंकी ट्रेनिंग दी गई थी। यहां एक इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्‍टल से एक 56 राइफल और अन्‍य हथियार के संग पकड़े गए तीन कश्‍मीरी छात्रों का कनेक्‍शन चंडीगढ़ से भी जुड़ रहा है। इनमें से एक छात्र चंडीगढ़ आया था और यहां एक रात किसी के यहां रुका था। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि अंसार-गजावत-उल-हिंद के जुड़े इन छात्राें रफीक बट्ट, इदरीश, जादिह श्रीनगर से पकड़े गए सोहेल के साथ एक ही स्‍कूल में पढ़ाई की थी। उनको स्‍कूलों में पढ़ने के दौरान ही आतंकी ट्रेनिंग दी गई थी।  जालंधर पुलिस द्वारा यहां एक इंजीनियरिंग कॉलेज से गिरफ्तार किए गए रफीक बट्ट, इदरीश, जादिह और श्रीनगर से लाए गए साहिल से पूछताछ की जा रही है। उनसे पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। बताया जाता है कि मदरसे में पढ़ाई की थी। वे फिर एक साथ नूरपुरा तरास, पुलावामा के सीनियर हाई स्कूल में पढ़े और फिर एक साथ ही आतंक फैलाने की ट्रेनिंग भी ली। बताया जा रहा है कि चारों को हथियार चलाने के साथ साथ विस्फोटक  से बम बनाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी। सोमवार को पुलिस ने करीब 12 घंटे तक लगातार पूछताछ की जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं।   –– ADVERTISEMENT ––     नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर धरना यह भी पढ़ें चंडीगढ़ भी आया था आतंकियों से जुड़ा एक कश्‍मीरी छात्र   शहर में विकास भूल 'बचाने-गिराने' के फेर में उलझी काग्रेस यह भी पढ़ें पुलिस को इस बात की भी जांच कर  रही है कि यह चारों दोस्त ही पंजाब में आतंक फैलाने के लिए जुटे हुए थे या उनके और साथी भी जालंधर या अन्य शहरों में मौजूद हैं। वहीं यह भी पता चला है कि रफीक बट्ट चंडीगढ़ में भी एक रात रुका था और अगले दिन चंडीगढ़ से जम्मू के लिए फ्लाइट ली थी।   ज्वाइंट कमिश्नर के समर्थन में उतरी भाजपा, विधायक ¨रकू पर साधा निशाना यह भी पढ़ें यह बट्ट की गिरफ्तारी से करीब एक सप्ताह पहले की बात है और जम्मू में एक दिन रुकने के बाद बट्ट फिर से जालंधर में अपने हॉस्टल में आ गया था। उसने वहां पर क्या किया, किससे मिला और वहां से क्या जानकारी या आदेश लेकर आया। वहां पर बट्ट किसके पास रुका था, उसे शरण देने वालों या उससे मिलने वालों में कौन कौन शामिल था, इसका पता भी पुलिस लगा रही है।   प्रभु राम ने विभिषण को ह्रदय से लगाया, श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध यह भी पढ़ें स्‍कूली जीवन में ही आतंक की ओर मुड़ गए थे, एक ही स्कूल में पढ़े थे बट्ट, सोहेल व इदरीश   स्काईलार्क होटल विवाद : जोनिंग सिस्टम को लेकर निगम की बैठक टली यह भी पढ़ें वहीं अमृतसर से उठाए गए संदिग्ध कश्मीरी छात्रों की गिरफ्तारी के बारे में सोमवार को भी कोई पुष्टि नहीं की गई। पुलिस बट्ट, इदरीश और जाहिद के साथ हाल ही में पकड़े गए सोहेल से पूछताछ में अमृतसर से उठाए दोनों युवकों के संबंध जोडऩे के प्रयास कर रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों कश्मीरी युवकों के संबंध मूसा या उसके भाई बट्ट से हैं या नहीं।  वहीं, लुधियाना से पूछताछ के लिए उठाए कश्मीरी युवकों, जिनके मोबाइल में आतंकी बुहरान वानी की तस्वीर मिली थी, उनको भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। जांच में सामने आया कि दोनों व्यापारी थे और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

जालंधर पुलिस द्वारा यहां एक इंजीनियरिंग कॉलेज से गिरफ्तार किए गए रफीक बट्ट, इदरीश, जादिह और श्रीनगर से लाए गए साहिल से पूछताछ की जा रही है। उनसे पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। बताया जाता है कि मदरसे में पढ़ाई की थी। वे फिर एक साथ नूरपुरा तरास, पुलावामा के सीनियर हाई स्कूल में पढ़े और फिर एक साथ ही आतंक फैलाने की ट्रेनिंग भी ली। बताया जा रहा है कि चारों को हथियार चलाने के साथ साथ विस्फोटक  से बम बनाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी। सोमवार को पुलिस ने करीब 12 घंटे तक लगातार पूछताछ की जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं।

पुलिस को इस बात की भी जांच कर  रही है कि यह चारों दोस्त ही पंजाब में आतंक फैलाने के लिए जुटे हुए थे या उनके और साथी भी जालंधर या अन्य शहरों में मौजूद हैं। वहीं यह भी पता चला है कि रफीक बट्ट चंडीगढ़ में भी एक रात रुका था और अगले दिन चंडीगढ़ से जम्मू के लिए फ्लाइट ली थी।

यह बट्ट की गिरफ्तारी से करीब एक सप्ताह पहले की बात है और जम्मू में एक दिन रुकने के बाद बट्ट फिर से जालंधर में अपने हॉस्टल में आ गया था। उसने वहां पर क्या किया, किससे मिला और वहां से क्या जानकारी या आदेश लेकर आया। वहां पर बट्ट किसके पास रुका था, उसे शरण देने वालों या उससे मिलने वालों में कौन कौन शामिल था, इसका पता भी पुलिस लगा रही है।

वहीं अमृतसर से उठाए गए संदिग्ध कश्मीरी छात्रों की गिरफ्तारी के बारे में सोमवार को भी कोई पुष्टि नहीं की गई। पुलिस बट्ट, इदरीश और जाहिद के साथ हाल ही में पकड़े गए सोहेल से पूछताछ में अमृतसर से उठाए दोनों युवकों के संबंध जोडऩे के प्रयास कर रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों कश्मीरी युवकों के संबंध मूसा या उसके भाई बट्ट से हैं या नहीं।

वहीं, लुधियाना से पूछताछ के लिए उठाए कश्मीरी युवकों, जिनके मोबाइल में आतंकी बुहरान वानी की तस्वीर मिली थी, उनको भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। जांच में सामने आया कि दोनों व्यापारी थे और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।