
बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर लीक होने के बाद सरकार अब हरकत में है। परीक्षा की तिथि घोषित करने के बाद अब पेपर लीक करने वालों पर शिकंजा कसा गया है। 
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर आउट होने के मामले में इलाहाबाद से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अब इन दोनों को इलाहाबाद में दाखिल करने की तैयारी चल रही है।
प्रदेश में आठ अक्टूबर को बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं। इस मामले में कल सीएम योगी आदित्यनाथ ने कल परीक्षा की नई तिथि की घोषणा की। बीटीसी 2015 बैच के चौथे सेमेस्टर की निरस्त परीक्षा एक से तीन नवंबर तक होगी। ऐसे में उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) अब चार की बजाय 18 नवंबर को कराने का निर्णय किया गया है। दोनों परीक्षाओं का रिजल्ट 10 दिसंबर को घोषित किया जाएगा। वहीं परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के दूसरे चरण के लिए शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा छह जनवरी को होगी। भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 11 से 25 दिसंबर तक होगा।
कौशाम्बी में सोमवार को परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले सभी विषयों का पेपर लीक होने के बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने प्रदेशभर की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसी के साथ 72 हजार से अधिक बीटीसी प्रशिक्षुओं का भविष्य अधर में पड़ गया है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा टलने के कारण सभी प्रशिक्षु दिसंबर में प्रस्तावित 95 हजार से अधिक सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से बाहर हो जाएंगे।
इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों के साथ विस्तृत विचार विमर्श किया। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को बीटीसी 2015 बैच के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा, यूपीटीईटी तथा 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित लिखित परीक्षा की समय-सारिणी तय करने का निर्देश दिया। बैठक में ही इन परीक्षाओं की तारीखें और समय-सारिणी तय किए गए।
बीटीसी का पेपर आउट करने वालों पर लगेगा रासुका
बीटीसी 2015 बैच के चौथे सेमेस्टर का पेपर आउट कराने के दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि पेपर लीक होने की घटना की जांच एसटीएफ कर रही है। कल बेसिक शिक्षा विभाग की परीक्षाओं के सिलसिले में बुलाई गई बैठक में एसटीएफ ने जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी। मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिस प्रेस में बीटीसी का पेपर छपा, वहां से लेकर परीक्षा केंद्र तक जो भी प्रश्नपत्र आउट कराने के लिए चिन्हित किये जाएं, उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। जरूरत पड़े तो दोषियों की संपत्तियां भी कुर्क की जाएं। यदि यह पाया जाए कि ऐसे लोगों ने गिरोहबंद तरीके से पेपर आउट कराया है तो उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए।