
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक दिन के दौर पर देहरादून पहुंचे हैं. पीएम मोदी ने यहां पर इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया. पीएम मोदी के साथ उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद थे. इस समिट में कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. यह समिट दो दिन तक चलेगा. गृहमंत्री राजनाथ सिंह 8 अक्टूबर को समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगे.
इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद अलग-अलग देशों से आए निवेशकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आज सभी लोग ऐसे मौके पर मौजूद हैं जब देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. आज भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है. महंगाई स्थिर है, मिडिल क्लास का तेजी से विकास हो रहा.
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं पहली बार गुजरात का सीएम बना तो मुझसे पूछा गया कि आप गुजरात को क्या बनाना चाहते हैं. मैंने कहा कि मैं इसे साउथ कोरिया बनाना चाहता हूं. क्योंकि दोनों की जनसंख्या समान है, दोनों समुद्री तट पर हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में तेजी के साथ आर्थिक विकास हो रहा है. हमने 14 हजार से ज्यादा कानून खत्म किए. भारत में टैक्स व्यवस्था में भी बहुत सुधार किए गए हैं. टैक्स से जुड़े सुधारों और पारदर्शी बनाया गया है. बैंकिंग सिस्टम को भी ताकत मिली है. जीएसटी के तौर पर हमने सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म किया.
पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी ने देश को सिंगल मार्केट दिया. हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहा है. पिछले वर्ष ही भारत में करीब करीब 10000 किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण हुआ है. यानि हर दिन करीब करीब 27 किलोमीटर की गति से काम हो रहा है. यह पहले की सरकारों की तुलना में डबल है. रेलवे लाइन के निर्माण में भी दोगुनी गति से काम हो रहा है. इसके अलावा अनेक शहरों में नई मेट्रो, हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट इसके लिए भी काम चल रहा है.
पीएम ने कहा कि आज भारत में हाउसिंग फॉर ऑल, पावर फॉर ऑल, ग्रीन फ्यूल फॉर ऑल, हेल्थ फॉर ऑल, बैंकिंग फॉर ऑल जैसी अलग-अलग योजनाएं अपने लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में बढ़ रही हैं. आज यह कहा जा सकता है कि देश चौतरफा परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. आप के लिए देश के निवेशकों की भारत में सर्वोत्तम माहौल बना हुआ है. अभी हाल ही में शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की वजह से भी भारत में मेडिकल सेक्टर में निवेश की बहुत बड़ी संभावना बढ़ी है. आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के 50 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को ₹500000 तक हेल्थ इंश्योरेंस मिल रहा है.