
हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारे दिलीप कुमार काफी बीमार हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि भले वे मेडिकली जिंदा हैं, लेकिन हमसे काफी दूर जा चुके हैं।
खबरी का दावा है कि 95 साल के दिलीप कुमार को जिंदा रखना पत्नी सायरा बानू के लिए मिशन से कम नहीं रह गया है। इस परिवार के बेहद करीबी ने बताया ‘वे किसी को पहचान नहीं पा रहे हैं, अपनी पत्नी सायरा तक को वे भूल चुके हैं। वे बात करने और चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। उन्हें बाथरूम तक भी ले जाना पड़ रहा है। वे किसी भी तरह से अब इस दुनिया से जुड़े महसूस नहीं हो रहे हैं।’
एक अन्य सूत्र का कहना है कि सायरा अपनी सारी बचत उन्हें जिंदा रखने में खर्च कर रही हैं। बता दें कि पिछले महीने ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और जल्द ही उनकी वहां से छुट्टी भी हो गई थी।
11 दिसंबर, 1922 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्मे दिलीप कुमार को हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में माना जाता है।
पहली फिल्म ‘ज्वार भाटा’ से लेकर 1993 में रिलीज हुई किला तक दिलीप कुमार पांच दशकों से भी ज्यादा वक्त तक ट्रेजडी किंग की छवि के साथ सुपर स्टार के तौर पर छाए रहे। 1994 में उनको सिनेमा का सर्वोच्च पुरस्कार दादा साहेब फाल्के मिला।