
लखनऊ ht राजधानी मे ताबड़तोड़ हो रही आपराधिक घटनाओं से जनता में ख़ौफ़ का माहौल है,हर वारदात के बाद मौक़े पर पहुँच कर पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा रटारटाया डायलॉग बोलना की दोषियों को बख्शा नही जाएगा सख़्त कार्रवाई की जाएगी अपराधी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे, इतना बोल कर वापस अपने अपने दफ्तरों को निकल जाना और अगली घटना का इन्तेज़ार करना,यही कारण है जो लखनऊ पुलिस की कार्य शैली पर उंगलियां उठ रही हैं,ऐसा लगता है पुलिस ने अपना काम घटना के बाद अपराधी की धरपकड़ करना और जेल भेजने तक ही जैसे सीमित कर लिया हो,लखनऊ पुलिस के पास अपराध को रोकने और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस प्लान है ही नही इसीलिए अपराधी बेख़ौफ़ होकर ताबड़तोड़ घटनाओं को अन्जाम दिए जारहे हैं, लेकिन लखनऊ पुलिस हैरतअंगेज कारनामे अन्जाम देकर आम शहरियों को ही निशाना बना रही है, कभी शरीफ पत्रकार को आतंकवादी बता कर घर मे घुस जाती है तो कभी विवेक तिवारी जैसे बेगुनाह को गोली का निशाना बना कर मौत के घाट उतार देती है, याद रहे 14 अगस्त को कैंट में मान्यताप्राप्त पत्रकार मोहम्मद शाहिद के घर में घुस कर इंस्पेक्टर और सी ओ कैन्ट ने उन्हें आतंकवादी बता कर प्रताड़ित किया था, हालांकि बाद में इंस्पेक्टर और सी ओ कैंट को अपने इस कृत्य के लिए पत्रकार मोहम्मद शाहिद से माफी मांगनी पड़ी थी।
लखनऊ पुलिस का दूसरा कारनामा
28/29 सितम्बर की रात गोमती नगर मे सिपाहियों द्वारा बेगुनाह विवेक तिवारी को गोली मार कर अन्जाम दी गई घटना ने तो आम शहरी को हिला कर रख दिया है, पुलिस द्वारा अन्जाम दी गई इन दो घटनाओं के बाद आम जनता के दिलों में जैसे पुलिस का ख़ौफ़ बैठ गया है, राजधानी लखनऊ में हो रही ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं पर नज़र डाली जाए तो पता चलेगा कि अपराधियों में बिल्कुल भी पुलिस का कोई ख़ौफ़ नही है, यही वजह है कि एपल कम्पनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या पीजीआई के तेलीबाग मे व्यापारी मोतीलाल अग्रवाल के घर हुई लाखो की डकैती की वारदात को शहरवासी भूल भी नही आाए थे कि बुद्धवार की रात ठाकुरगंज के मल्लाही टोला निवाज़गज मे गोलियो की तड़तड़ाहट से लोग थर्रा उठे यहां दबंगो द्धारा दो सगे भाईयो को गोली मार दी गई। गोली चलने की सूचना के बाद ठाकुरगंज पुलिस मौके पर पहुॅची और घायल भाईयो को ट्रामा सेन्टर पहुॅचाया जहां डाक्टरो ने दोनो भाईयो को मृत घोषित कर दिया। रात के समय हुई इस सनसनी खेज़ घटना के बाद एडीजी राजीव कृष्णा आईजी सुजीत पाडेण्य और एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुॅचे एसएसपी ने बताया कि प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार ये घटना रंजिश मे अंजाम दी गई है उन्होने कहा कि आरोपियो की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। घटना के बाद मृतको के परिजनो ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार प्रापर्टी डिलिंग का काम करने वाले दिलदार गाज़ी अपनी पत्नी कमरून निसा 4 बेटे और एक बेटी के साथ मल्लाही टोला निवाज़गंज ठाकुरगंज मे रहते है। उनका 23 वर्षीय बड़ा बेटा इमरान गाज़ी और 21 वर्षीय छोटा बेटा अरमान गाज़ी ओला कैब चलाते थे। बताया जा रहा है कि दोनो भाई बुद्धवार की रात अपनी गाड़ी मे सीएनजी गैस भरवाने जा रहे थे रास्ते मे मुसाहिब गंज के पास पहुॅचे थे तभी कुछ लोगो ने दोनो भाईयो पर लाठी डंडो से हमला कर दिया इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते गोली चलने की आवाज़ आई इमरान गाज़ी और अरमान गाज़ी को गोली लगी और दोनो भाई वहीं लहुलुहान होकर गिर गए सनसनीखेज़ घटना की सूचना के बाद एएसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी सीओ चैक दुर्गा प्रसाद तिवारी इन्स्पेक्टर ठाकुरगंज अन्जनी पाडेण मौके पर पहुॅचे। पुलिस ने लहुलुहान दोनो भाईयो को ट्रामा सेन्टर पहुॅचाया जहां डाक्टर ने दोनो भाईयो को मृत घोषित कर दिया।
दोहरे हत्याकाण्ड की खबर के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ट्रामा सेन्टर पहुॅचे और पुलिस को उन्होने हत्याकाण्ड को अन्जाम देने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना था कि दो सगे भाईयो की हत्या के पीछे पुरानी रजिश का पता चला है पूरे मामले की जाॅच की जा रही हैं और आरोपियो की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। जवान बेटो की मौत की खबर सुन कर पोस्ट मार्टम हाउस पहुॅचे पिता दिलदार गाज़ी गश खाकर गिर पड़े इमरान और अरमान की माॅ क़मरून निसा तो जैसे अपने जवान बेटो की मौत की खबर सुन कर अपनी सुधबुध ही खो बैठी मृत भाईयो के दो सगे भाई और बहन का रो रो कर बुरा हाल है। दो सगे भाईयो की हत्या की सूचना के पाकर रिश्तेदार और आसपास के लोग भारी सख्या मे पोस्ट मार्टम हाउस पहुॅचे। मृतकों के भाई रेहान बताया कि 8-10 दिन पहले मोहल्ले के ही रहने वाले साहिल उर्फ छोटू, शिवम और चीना से इमरान की किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी तभी साहिल और उसके साथियों ने मेरे पिता को धमकी देते हुए कहा था कि तुम्हारे बेटों को जान से मार दूंगा, और उनलोगों ने मेरे भाइयों की जान लेली। मृतक इमरान के चचा रफीक का कहना है कि इस प्रकरण मे ठाकुरगंज पुलिस की लापरवाही के कारण ही उनके भतीजों की हत्या हुई है, उन्होने कहा कि हत्या से पहले आधा घंटा तक दंबग दोनो भाइयों को बुरी तरह पीटते रहे मगर पुलिस नही पहुॅची अगर पुलिस हस्तक्षेप कर देती तो शायद हत्या जैसी नौबत नही आती उन्होने कहा कि पुरानी कोई रजिश नही थी । परिजन और रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जमा होकर पुलिस की लापरवाही के खिलाफ नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे थे। उन्होने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों मे आरोपियो के चेहरे कैद हुए है। उन्होने यह भी बताया कि घटना के बाद 100 नम्बर पर काल की गई थी लेकिन काल नही लगी। उन्का कहना है कि साहिल,शिवम लंगड़ा और चीना अपराधिक प्रवत्ति के हैं।
घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा किसी आरोपी की गिरफ्तारी ना किये जाने से नाराज़ परिजन और रिश्तेदार गिरफ्तारी और मुआवज़े की मांग कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
शबीहुल हसन