
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन शशांक मनोहर की गवाही के साथ विवाद निवारण समिति की तीन दिवसीय सुनवाई का अंत हुआ जिसके समक्ष पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत के खिलाफ मुआवजे का दावा डाला है. बोर्ड के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. इससे पहले पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को बतौर गवाह पेश हो चुके हैं. 
पता चला है कि तीन सदस्यीय समिति ने अपना आदेश सुरक्षित रखा है क्योंकि दोनों पक्षों ने सिर्फ मौखिक तर्क दिए हैं. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘‘अब लिखित जवाब देना होगा और इसके बाद पैनल अपना आदेश लिखेगा.’’
बीसीसीआई से इसलिए मुआवजा मांग रहा है पीसीबी
पीसीबी ने बीसीसीआई पर सहमति पत्र का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए भारतीय बोर्ड से 447 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है. इस एमओयू के अनुसार भारत और पाकिस्तान को 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलनी थी. पीसीबी का कहना है कि बीसीसीआई ने उसके साथ 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने का करार किया था. लेकिन उसने बाद में पाकिस्तान के साथ सीरीज खेलने से मना कर दिया. इसके बाद पीसीबी ने बीसीसीआई के खिलाफ आईसीसी के विवाद निबटान समिति के समक्ष केस दर्ज कराया.
अधिकारी ने कहा, ‘‘जिस तरह जिरह हुई उससे हम खुश हैं. आज मनोहर की गवाही काफी ठोस थी. वह भारत के गवाह के रूप में पेश हुए थे, आईसीसी चेयरमैन के रूप में नहीं. यहां तक कि अन्य गवाहों ने हमारे मामले को मजबूत किया.’’