
दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत सात समंदर पार बैठकर जनता की गाढ़ी कमाई ठगने वाले साइबर ठगों के मंसूबे को तोड़ने की रायपुर पुलिस लगातार कोशिश कर रही है। ठगी के 85 केस में एटीएम फ्रॉड द्वारा बैंक अकाउंट से पैसे निकालने का मैसेज मिलते ही पीड़ितों ने पुलिस को जानकारी दी और क्राइम ब्रांच व साइबर सेल ने करीब 14 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलाये 
राजधानी समेत पूरे राज्य में साइबर अपराध में काफी तेजी आई है। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना कर ठगी कर रहे हैं। पिछले नौ महीने में साइबर अपराधियों ने करीब दो सौ लोगों से एक करोड़ रुपये की ठगी की है। ठगी का शिकार होने के बाद लोग पुलिस और बैंक के चक्कर लगाते रह जाते हैं। बैंक अधिकारी उन्हें पुलिस के पास भेज देते हैं। रायपुर पुलिस ने इस दिशा में काफी काम किया है। दिल्ली, मुंबई, यूपी, बिहार, झारखंड के दो दर्जन से अधिक शातिर एटीएम फ्रॉड को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जनवरी से जुलाई 2018 के बीच (7 महीने में) ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर ठगी करने के 85 केस में पीड़ितों को पुलिस ने बड़ी राहत दी है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने 14 लाख रुपये बैंक में होल्ड करा दिया। अफसरों का कहना है कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का एकमात्र उपाय है।
इन पीड़ितों को मिली राहत
पुलिस सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के मामलों में बड़ी रकम ही नहीं, बल्कि छोटी रकम भी समय से जानकारी मिलने पर वापस कराई गई है। जनवरी में नरेश कुमार बिसेन के 11 हजार, राजेश सिंघाल के 16119, नीता के 10 हजार, गुरनीश पाल सिंह के 21 हजार, खेलन सिंह साहू के 8369 रुपये, इंद्रदेव चौधरी के 49996 रुपये, कालज मखीजा के 48500 रुपये, शिनप्रकाश मिश्रा के 40 हजार, उमाकांति वर्मा के 59493 रुपये, रमेश विनायक के 19999, रामअसरे यादव के 4 हजार, अमित कुमार के ताम्रकार 14122, अब्राहम तिर्की के 55 हजार, हेमंतपुरी गोस्वामी के 30 हजार, अमित गुप्ता के 7704, देवेंद्र चंद्रवंशी के 275000, रेखा गुप्ता के 10 हजार, जॉनी कृष्णानी के 9 हजार वापस दिलाये गए। फरवरी में उदयराम साहू के 44399, मधुसूदन सोनी के 3969, आदित्य राठी के 4098, पवन शर्मा के 50 हजार, लता मिश्रा के 3689, सीमा साहू के 18490, गेंदलाल पात्रे के 7785, आलोक सूर के 45 हजार, रमा देवांगन के 63899, दीपांशु मेवाती के 47785, गंभीरदास कोसले के 50 हजार, दामोदर खरे के 50 हजार, डेविड हीरोल्ड के 50 हजार वापस दिलाये। जून में यूसूफ खान के 50 हजार, रनजीत लाखेरा के 5 लाख, जुलाई में नरेश राम के 35 हजार रुपये समेत कुल 85 पीड़ितों के 13 लाख 91 हजार 869 रुपये पुलिस ने वापस दिलाये।