नक्सलियों ने शादी की इजाजत देकर कोसा की करा दी नसबंदी

जिले में माचकोट एलजीएस कमांडर कुंजाम कोसा ने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। उस पर पांच लाख का इनाम घोषित था। वह कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा। उसकी पत्नी पर भी एक लाख का इनाम घोषित था। नक्सल दंपति करीब 12 साल से संगठन में सक्रिय थे। इनके अलावा दो एक-एक लाख के इनामी सहित कुल 15 नक्सलियों ने पुलिस व सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।जिले में माचकोट एलजीएस कमांडर कुंजाम कोसा ने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। उस पर पांच लाख का इनाम घोषित था। वह कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा। उसकी पत्नी पर भी एक लाख का इनाम घोषित था। नक्सल दंपति करीब 12 साल से संगठन में सक्रिय थे। इनके अलावा दो एक-एक लाख के इनामी सहित कुल 15 नक्सलियों ने पुलिस व सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।  शनिवार को एसपी कार्यालय में एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जिनमें प्रमुख रूप से कुंजाम कोसा उर्फ सन्न्ू माचकोट एलजीएस कमांडर है जिस पर पांच लाख का इनाम घोषित है। कुंजाम पार्वती उर्फ पारो माचकोट एलजीएस सदस्या पर एक लाख का इनाम घोषित है।   दूसरी शादी करने के लिए पत्नी का गला दबाया, अब मिली ऐसी सजा यह भी पढ़ें  कुराम एंका जिसने भरमार बंदूक के साथ आत्मसमर्पण किया है उस पर एक लाख का इनाम घोषित है। कुहराम दुला मिलिशिया कमांडर पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। समर्पण करने वाले मड़कम हड़मा डीएकेएमएस अध्यक्ष पर भी एक लाख का इनाम है।  इनके अलावा पदाम जोगा, पदाम विज्जा, मड़कम पोज्जा, पदाम गंगा, पदाम मंगडू, माड़वी देवा, मड़कम मुया, पोड़ियम माड़ा, पदाम नंदा व पदाम हिड़मा ने भी आत्मसमर्पण किया है। सीआरपीएफ 226 बटालियन और सीआरपीएफ डीआईजी एस एलंगो के समक्ष नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सभी नक्सलियों को छत्तीगसढ़ शासन की राहत एवं पुनर्वास योजना के तहत नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।   कृषि विश्वविद्यालय में पान की 15 प्रजातियों पर लगा 25 लाख रुपये का चूना यह भी पढ़ें  सुरक्षा बल व पुलिस के लगातार गश्त से परिस्थिति में काफी बदलाव आया है। पांच लाख के इनामी नक्सली का आत्समर्पण जिले के लिए अच्छा संकेत है। प्रशासन के विकास कार्य और पुनर्वास नीति से नक्सली प्रभावित हो रहे हैं। यही कारण है कि नक्सली अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और आत्मसमर्पण कर रहे हैं। - मनोज कुमार, कमांडेट सीआरपीएफ 226 बटालियन

शनिवार को एसपी कार्यालय में एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जिनमें प्रमुख रूप से कुंजाम कोसा उर्फ सन्न्ू माचकोट एलजीएस कमांडर है जिस पर पांच लाख का इनाम घोषित है। कुंजाम पार्वती उर्फ पारो माचकोट एलजीएस सदस्या पर एक लाख का इनाम घोषित है।

कुराम एंका जिसने भरमार बंदूक के साथ आत्मसमर्पण किया है उस पर एक लाख का इनाम घोषित है। कुहराम दुला मिलिशिया कमांडर पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। समर्पण करने वाले मड़कम हड़मा डीएकेएमएस अध्यक्ष पर भी एक लाख का इनाम है।

इनके अलावा पदाम जोगा, पदाम विज्जा, मड़कम पोज्जा, पदाम गंगा, पदाम मंगडू, माड़वी देवा, मड़कम मुया, पोड़ियम माड़ा, पदाम नंदा व पदाम हिड़मा ने भी आत्मसमर्पण किया है। सीआरपीएफ 226 बटालियन और सीआरपीएफ डीआईजी एस एलंगो के समक्ष नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सभी नक्सलियों को छत्तीगसढ़ शासन की राहत एवं पुनर्वास योजना के तहत नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।

सुरक्षा बल व पुलिस के लगातार गश्त से परिस्थिति में काफी बदलाव आया है। पांच लाख के इनामी नक्सली का आत्समर्पण जिले के लिए अच्छा संकेत है। प्रशासन के विकास कार्य और पुनर्वास नीति से नक्सली प्रभावित हो रहे हैं। यही कारण है कि नक्सली अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और आत्मसमर्पण कर रहे हैं। – मनोज कुमार, कमांडेट सीआरपीएफ 226 बटालियन