
मानव तस्करी से जुड़ी दिल्ली से गिरफ्तार प्रभा मुनि से जुडे़ केस को फिर से खुलवाने के लिए सिमडेगा (झारखंड) के एसपी अदालत से अनुरोध करेंगे। तीन लड़कियों को दिल्ली में बेच देने को लेकर 2013 में सिमडेगा में प्रभा मुनि और उसके पति रोहित मुनि पर मामला दर्ज हुआ था। ट्रांजिट रिमांड पर सिमडेगा पुलिस ने प्रभा मुनि से गहन पूछताछ की है।
प्रभा मुनि को मीडिया के सामने पेश करते हुए सिमडेगा के एसपी संजीव कुमार ने कहा कि वह एनजीओ की आड़ में मानव तस्करी का धंधा चलाती थी। वह सरगना की भूमिका में थी। खुद को क्रिश्चियन नेता बताकर लोगों को प्रभावित करती थी और मानव तस्करी के जरिये ऐशो आराम की जिंदगी जी रही थी। एसपी ने कहा कि प्रभा मुनि संपूर्ण घरेलू कामगार सर्वेक्षण एवं उत्थान समिति नामक एनजीओ बनाकर उसकी आड़ में मानव तस्करी का धंधा चला रही थी। वह अपने आप को ऑल इंडिया क्रिश्चियन माइनॉरिटी संघ का उपाध्यक्ष बताकर अपना रुतबा दिखाती थी । लोगों को प्रभावित करती थी। इसी के बल पर वह मानव तस्करी का धंधा चला रही थी। प्रभा मुनि की जीवन शैली उच्च श्रेणी की थी। वह 25 दिसंबर को बड़ा दिन के मौके पर प्रत्येक वर्ष दिल्ली में जलसे का आयोजन करती थी, इसमें कई राजनेता और दूसरे रसूख वाले लोग शामिल होते थे।
एक दशक में बदल गई जिंदगी : एसपी के मुताबिक मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के डांड़पानी की रहने वाली प्रभा मुनि 10-12 साल पहले दिल्ली गई थी। शुरू में किसी संस्था में रहकर कार्य करती थी। बाद में खुद ही किंगपिन बन मानव तस्करी का धंधा चलाने लगी। वह ऐशो आराम की जिंदगी जीती थी। दिल्ली के पंजाबी बाग में उसका अपना घर है।
निहाल विहार में बड़ा फ्लैट है जिसमें वह अपना ऑफिस चलाती थी। इतना ही नहीं उसका अपना नागपुरी फिल्म का प्रोडक्शन हाउस भी है, जिसमें उसने रुपया निवेश किया है। जब 23 सितंबर को दिल्ली एटीएस के द्वारा प्रभा मुनि को गिरफ्तार किया गया तो जिले की पुलिस टीम को दिल्ली भेजकर ट्रांजिट रिमांड पर प्रभा को सिमडेगा लाया गया और गहन पूछताछ की गई। इसमें उसने उपरोक्त बातें बताई हैं। पुलिस उसके बताए तथ्यों की पड़ताल के लिए दिल्ली टीम भेजेगी।
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजी गई प्रभा मुनि
मानव तस्करी मामले में पकड़ी गई प्रभा मुनि को जेल भेज दिया गया है। शनिवार को उसे एडीजे कोर्ट में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद सिमडेगा मंडल जेल भेज दिया गया। इधर पेशी के दौरान जब जज ने प्रभा मुनि से पूछा कि वह एनजीओ के आड़ में तस्करी का कार्य करती थी तो उसने खुद को निर्दोष बताया। एडीजे ने पुलिस को प्रभा मुनि के पति रोहित कुमार मुनि को भी शीघ्र ही गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। पुलिस के मुताबिक रोहित कुमार मुनि बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है, वह फिलहाल फरार चल रहा है।