
न्यूयॉर्क में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय संगठन (सार्क) देशों की बैठक में शामिल होने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आज (29 सितंबर) संयुक्त राष्ट्र महासभाको संबोधित करेंगी. माना जा रहा है कि सुषमा स्वराज इस दौरान पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधेंगी. आतंकवाद के मुद्दे पर वह पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब कर सकती हैं.
न्यूयॉर्क में चल रही संयुक्त राष्ट्र महासभा की 73वीं वार्षिक बैठक से इतर दक्षेस देशों के साथ गुरुवार को हुई बैठक के दौरान स्वराज ने पाकिस्तान पर निशाना साधने के संकेत दिए थे. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस बैइक में इस बात पर जोर दिया था कि सहयोगी और आर्थिक विकास के लिए दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांति तथा सुरक्षा आवश्यक है. इसी बैठक के दौरान पाकिस्तान ने भारत पर क्षेत्रीय प्रगति और समृद्धि में रुकावट डालने का आरोप लगाया था.
शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के इस सत्र में भारत के अलावा पाकिस्तान का भी संबोधन होगा. माना जा रहा है कि अपने संबोधन में सुषमा सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साध सकती हैं. सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र में भी पाकिस्तान को घेरा था. उन्होंने उस दौरान पाकिस्तान को आतंकवाद का साथ देने वाला बताया था.
साथ ही उन्होंने कहा था कि आजादी के बाद भारत ने आईआईटी, आईआईएम और एम्स समेत कई संस्थान बनाए, तरक्की की. लेकिन पाकिस्तान वालों ने क्या बनाया है. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान वालों ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठन को बनाया है.
सुषमा स्वराज दक्षेस की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से दूर दिखी. स्वराज दक्षेस की बैठक समाप्त होने से पहले ही वहां से निकल आई थीं. उनके बयान के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि दक्षेस परिणामोन्मुखी बने. भारत का नाम लिए बगैर कुरैशी ने कहा, ‘‘हमने अगला कदम तय कर लिया है. मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि दक्षेस की प्रगति और क्षेत्र के संपर्क तथा समृद्धि के रास्ते में सिर्फ एक अवरोधक है.