राज्यपाल बदनौर ने शूटिंग में दिखाया दम, सिल्वर मेडल पर लगाया निशाना

पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी बदनौर ने भोपाल के बिशनखेड़ी शूटिंग रेंज में आयोजित 28वीं जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल पर निशाना लगाया। राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे नंबर की इस प्रतियोगिता में बदनौर ने ट्रैप स्पर्धा की वेटरन्स कैटेगरी में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के खिलाड़ी प्रवीण सिंह ने गोल्ड मेडल और गुजरात के खिलाड़ी जहान बख्श ने ब्रांज मेडल जीता है।पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी बदनौर ने भोपाल के बिशनखेड़ी शूटिंग रेंज में आयोजित 28वीं जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल पर निशाना लगाया। राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे नंबर की इस प्रतियोगिता में बदनौर ने ट्रैप स्पर्धा की वेटरन्स कैटेगरी में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के खिलाड़ी प्रवीण सिंह ने गोल्ड मेडल और गुजरात के खिलाड़ी जहान बख्श ने ब्रांज मेडल जीता है।  जीत के लिए एक महीने बहाया पसीना   बदनौर की यह जीत तुक्के की जीत नहीं है। इस टूर्नामेंट में जाने से पहले बदनौर ने पूरा एक महीना पटियाला की मोतीबाग शूटिंग रेंज में भारतीय जूनियर शूटिंग टीम के कोच विश्वदेव सिंह सिद्धू से कोचिंग ली थी। खास बात यह है कि शूटिंग प्रैक्टिस के दौरान बेस्ट स्कोर आने के बाद ही उन्होंने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का दम भरा था।     हरियाणा ने सुरजीत फुटबॉल अकादमी को 3-0 से हराया यह भी पढ़ें अब नेशनल गेम्स में हाथ अजमा सकते हैं बदनौर    जिन्होंने घर से बड़ी आर्ट गैलरी बनाई.. यह भी पढ़ें जीवी मावलंकर देश का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा शूटिंग इवेंट होता है, ऐसे में इस टूर्नामेंट में मिली जीत और अच्छे स्कोर से वीपी बदनौर खासे खुश है। इस जीत से उत्साहित बदनौर अब नेशनल गेम्स के लिए भी क्वालीफाइ कर सकते हैं। गौरतलब है कि जीवी मावलंकर चैंपियनशिप में भी अच्छे स्कोर की बदौलत बदनौर को नेशनल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रतियोगिता में खेलने की अनुमति दी थी। अब इसी जीत से यकीनन राज्यपाल के शौक का पंख लगेंगे।  कोच ने भी जताई खुशी   पंजाब में बाढ़ के हालात, नदियों में उफान व पौंग डैम लबालब होने से खतरा बढ़ा यह भी पढ़ें  बदनौर के कोच विश्वदेव सिंह सिद्धू ने  कहा कि भीलवाड़ा राजघराने से आने वाले राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर काफी लंबे समय से शौकिया शूटिंग कर रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने इस शौक को राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग प्रतियोगिता में आजमाने का फैसला लिया था, इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बदनौर काफी उत्साहित थे। उन्होंने खासतौर पर एक महीना काफी प्रैक्टिस की थी। प्रतियोगिता में उनके शानदार प्रदर्शन को देखकर यही लगता है कि अब उनका यह शौक काफी दूर तक जाएगा।

जीत के लिए एक महीने बहाया पसीना

बदनौर की यह जीत तुक्के की जीत नहीं है। इस टूर्नामेंट में जाने से पहले बदनौर ने पूरा एक महीना पटियाला की मोतीबाग शूटिंग रेंज में भारतीय जूनियर शूटिंग टीम के कोच विश्वदेव सिंह सिद्धू से कोचिंग ली थी। खास बात यह है कि शूटिंग प्रैक्टिस के दौरान बेस्ट स्कोर आने के बाद ही उन्होंने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का दम भरा था।

अब नेशनल गेम्स में हाथ अजमा सकते हैं बदनौर

जीवी मावलंकर देश का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा शूटिंग इवेंट होता है, ऐसे में इस टूर्नामेंट में मिली जीत और अच्छे स्कोर से वीपी बदनौर खासे खुश है। इस जीत से उत्साहित बदनौर अब नेशनल गेम्स के लिए भी क्वालीफाइ कर सकते हैं। गौरतलब है कि जीवी मावलंकर चैंपियनशिप में भी अच्छे स्कोर की बदौलत बदनौर को नेशनल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रतियोगिता में खेलने की अनुमति दी थी। अब इसी जीत से यकीनन राज्यपाल के शौक का पंख लगेंगे।

कोच ने भी जताई खुशी

बदनौर के कोच विश्वदेव सिंह सिद्धू ने  कहा कि भीलवाड़ा राजघराने से आने वाले राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर काफी लंबे समय से शौकिया शूटिंग कर रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने इस शौक को राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग प्रतियोगिता में आजमाने का फैसला लिया था, इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बदनौर काफी उत्साहित थे। उन्होंने खासतौर पर एक महीना काफी प्रैक्टिस की थी। प्रतियोगिता में उनके शानदार प्रदर्शन को देखकर यही लगता है कि अब उनका यह शौक काफी दूर तक जाएगा।