
जागरूकता के तमाम प्रयासों के बावजूद काफी संख्या में एेसे लोग हैं जिनकी दकियानूसी सोच नहीं बदली है और बेटा-बेटी का भेद नहीं मिटा है। आधुनिकता के जमाने में भी बेटा पैदा न होने पर महिलाओं का प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है और हालात इस हद तक पहुंच जाती है कि महिला के जान देने की नौबत आ जाती है। ऐसी ही घटना जिले के भिंडी सैदां क्षेत्र के नूरोवाल गांव में हुई। बेटा पैदा न होने पर ससुराल वालों के तानों से परेशान होकर महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
बेटा पैदा नहीं होने पर ससुराल वाले दिन-रात देते थे ताने
पुलिस ने इस संबंध में ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। एएसआइ तेजिंदर सिंह ने बताया कि सभी आरोपित फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, तरनतारन जिले के गिल गांव निवासी अरविंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि नौ साल पहले उसकी बहन कुलविंदर कौर की शादी अमृतसर जिले के जिले के भिंडी सैदां क्षेत्र के नूरोवाल गांव के प्रभजोत सिंह से हुई थी। प्रभजोत सिंह पेशे से कथावाचक है। उनकी बहन ने दो बेटियों को जन्म दिया।
अरविंदर ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि बेटियां पैदा होने के बाद ससुराल वालों का कुलविंदर के प्रति व्यवहार बदल गया। ससुराल वाले बेटा चाहते थे। बेटा पैदा नहीं होने पर ससुराल वालों ने उसकी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया था। ससुराल वाले कुलविंदर को प्रताडि़त करने लगे। वे उसे दिन-रात ताने देते थे और इससे उसका जीना मुश्किल हाे गया।
अरविंदर ने कहा कि 19 सितंबर को उसकी बहन ने ससुरालियों की ओर से प्रताडि़त किए जाने की जानकारी भी दी थी। उसने फोन पर बहन को काफी समझाया और धैर्य रखने को कहा। इसके बाद वह 20 सितंबर को बहन के घर पहुंचा। वहां पहुंचने पर बहन की हालत देखकर होश उड़ गए। वहां पता चला कि कुलविंदर कौर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है।
पुलिस ने अरविंदर के बयान पर नूरेवाल गांव के प्रभजोत सिंह, शरणजीत कौर, प्रणाम सिंह और जगजीत सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आराेपितों की तलाश कर रही है।