3.50 लाख शिक्षकों के लिए बड़ी राहत, समान वेतन पर SC में सुनवाई

प्रदेश के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों के समान वेतन पर मंगलवार से सर्वोच्च न्यायालय में एक बार फिर सुनवाई होगी। मंगलवार को जस्टिस अभय मनोहर सप्रे और उदय उमेश ललित की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। प्रदेश के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों के समान वेतन पर मंगलवार से सर्वोच्च न्यायालय में एक बार फिर सुनवाई होगी। मंगलवार को जस्टिस अभय मनोहर सप्रे और उदय उमेश ललित की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।   मंगलवार को अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल समान वेतन पर केंद्र सरकार का पक्ष रखेंगे। इसके बाद शिक्षक संगठनों के वकील कोर्ट में अपनी बात रखेंगे। सुनवाई गुरुवार तक चलने की संभावना है। अब तक की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल और राज्य सरकार के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में कहा है कि नियोजित शिक्षकों को समान वेतन का लाभ नहीं दिया जा सकता है।  केंद्र सरकार का तर्क है कि एक राज्य के शिक्षकों को यह लाभ दिया गया तो दूसरे राज्यों से भी मांग उठेगी। जबकि मसले पर राज्य सरकार का तर्क है कि नियोजित शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। वह पंचायत स्तर पर नियोजित कर्मी हैं। बावजूद सरकार उनके वेतन में 20 फीसद वृद्धि कर सकती है, लेकिन इसके पूर्व उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विशेष परीक्षा पास करनी होगी।

मंगलवार को अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल समान वेतन पर केंद्र सरकार का पक्ष रखेंगे। इसके बाद शिक्षक संगठनों के वकील कोर्ट में अपनी बात रखेंगे। सुनवाई गुरुवार तक चलने की संभावना है। अब तक की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल और राज्य सरकार के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में कहा है कि नियोजित शिक्षकों को समान वेतन का लाभ नहीं दिया जा सकता है।

केंद्र सरकार का तर्क है कि एक राज्य के शिक्षकों को यह लाभ दिया गया तो दूसरे राज्यों से भी मांग उठेगी। जबकि मसले पर राज्य सरकार का तर्क है कि नियोजित शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। वह पंचायत स्तर पर नियोजित कर्मी हैं। बावजूद सरकार उनके वेतन में 20 फीसद वृद्धि कर सकती है, लेकिन इसके पूर्व उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विशेष परीक्षा पास करनी होगी।